पुडुचेरी में कांग्रेस सरकार रहेगी या जाएगी इसे लेकर कई दिनों से सस्पेंस बना है. आज वो दूर होनेवाला है. शाम 5 बजे तक फ्लोर टेस्ट के ज़रिए पता चल जाएगा कि वी नारायणसामी सीएम बने रहनेवाले हैं या नहीं. सरकार पर ये सवाल तलवार की तरह तब गिरा जब कांग्रेस के चार एमएलए रिज़ाइन कर गए. अब समस्या ये है कि ये चार से पाँच हो गए हैं. लक्ष्मी नारायणनन नाम के एक और विधायक ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है और ऊपर से डीएमके के विधायक के वेंकटेश ने भी यही काम किया. डीएमके भी यहाँ गठबंधन सरकार का हिस्सा है. ऐसे में अब विधानसभा का गुणा-गणित काफ़ी हद तक बदल गया है.. तो आज होनेवाले फ्लोर टेस्ट में नारायससामी मेजोरिटी हासिल कर पायेंगे, इसकी कितनी उम्मीद है बता रहे हैं सीनियर जर्नलिस्ट डी सुरेश कुमार.
बात अब बंगाल की. चुनावी की गहमागहमी के बीच CBI ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की साली को समन भेजा है. उनका नाम मेनका है. उन्हें आज सुबह 11 बजे पूछताछ में शामिल होना होगा. ये पूछताछ कोयला तस्करी मामले में होनी है. कुल मिलाकर जाँच पड़ताल की आग सीएम ममता बनर्जी के परिवार तक पहुँच ही गई है. इसके पहले CBI की एक टीम अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजीरा नरूला बनर्जी से कल पूछताछ के लिए कोलकाता भी पहुंची थी लेकिन उसे लौटना पड़ा. हो सकता है आज फिर उनसे बात की जाए. असल में सीबीआई जो अचानक एक्टिव हुई है उसकी टाइमिंग पर भी कई लोग सवाल उठा रहे हैं. गृहमंत्री अमित शाह को कोलकाता की अदालत में हाज़िर होने का आदेश जारी हुआ था तो उसके दो दिन के अंदर सीबीआई ने नोटिस जारी कर दिए. साल 2018 में कोलकाता की एक जनसभा में शाह ने अभिषेक बनर्जी पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे. अभिषेक ने केस डाल दिया तो इसी मामले में कोर्ट ने अमित शाह से 22 फ़रवरी यानि आज हाज़िर होने को कह दिया… तो पूरे मामले को समझने के लिए हमने सोचा बात की जाए. हमने फ़ोन मिलाया हमारे सहयोगी मुनीष पांडे को और जानने का प्रयास किया कि मामला राजनीति से कितना प्रेरित है…
लोग कोरोना की मार से बेहाल थे. नौकरियाँ अलग जा रही थीं. अब लेकिन बेरोज़गारी का ये कोहरा छंटता दिख रहा है. इस बात का आधार ये है कि 20 फरवरी 2021 को पे रोल आँकड़े आए हैं ईपीएफपो के. मतलब employment provident fund organisation के. उनका कहना है कि दिसंबर महीने में उनके साथ 12 लाख 54 हज़ार मेंबर जुड़े हैं. नवंबर के कंपेरिज़न में देखा जाए तो नेट सब्सक्राइबर्स में 44% बढ़ोतरी हुई है. तो ज़रा सा आसान भाषा में समझने के लिए हमने बात की हमारे साथी कुमार केशव से और साथ ही जाना कि महिलाओं को पुरुषों से ज़्यादा नौकरी मिलने वाला एक आंकड़ा जो आया है वो क्या कहता है.
आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकार से भिड़े पड़े हैं और सरकार भी जो है अब उन्हें छूट देने को राज़ी दिख नहीं रही. ऑस्ट्रेलिया में फ़ेसबुक का पंगा चल रहा है. भारत में ट्विटर के साथ सरकार की अनबन है. सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र और ट्विटर को नफरत भरे कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए नोटिस जारी किया है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता राम माधव ने भी रेगुलेशन के लिए कानून की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इतना ताकतवर बन गया है कि ये सरकारें गिरा सकता है और इसे रेगुलेट करना मुश्किल है क्योंकि ये सीमाओं से परे है. इससे अराजकता का प्रचार हो सकता हो जो लोकतंत्र को कमजोर करेगा. इससे निपटने और मैनेज करने के लिए नए नियमों की जरूरत है और इसलिए सरकर सोशल मीडिया को रेगुलेट करने जा रही है. अब बयान तो बड़ा है और लोकतंत्र के नाम पर दिया गया है.. तो क्या सोशल मीडिया और सरकार के बीच चल रही लड़ाई वाकई निर्णायक दौर में पहुंच पाएगी? ये सवाल हमने पूछा आजतक रेडियो के रिपोर्टर मानस तिवारी से जो टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर नज़र रखते हैं.
साथ ही आज की तारीख का इतिहास और अख़बार का हाल तो है ही. ये सब कुछ सिर्फ आधे घंटे के मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट 'आज का दिन' में नितिन ठाकुर के साथ.
आज का दिन सुनने के लिए यहां क्लिक करें