कोयला तस्करी के मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ की. जांच एजेंसी के सूत्रों ने दावा किया कि अभिषेक ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया. बनर्जी से ईडी के अधिकारियों ने आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की, जिसमें उनसे मामले से जुड़े तमाम तरह के सवाल-जवाब किए गए.
सूत्रों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी से विशेष रूप से कथित बेहिसाब धन के बारे में पूछा गया था जो उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी दो फर्मों द्वारा प्राप्त किया गया था. सूत्रों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी पैसे के सोर्स के बारे में जानकारी देने में विफल रहे. अभिषेक बनर्जी से पूछताछ में बैंक स्टेटमेंट्स के बारे में भी पूछा गया.
ईडी का दावा है कि दो कंपनियों - लीप्स एंड बाउंड प्राइवेट लिमिटेड और लीप्स एंड बाउंड मैनेजमेंट सर्विसेज एलएलपी - जिनका अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से संबंध है, ने कथित तौर पर आरोपियों के जरिए से एक निर्माण कंपनी से 4.37 करोड़ रुपये की सुरक्षा राशि प्राप्त की. इसकी कोयला तस्करी मामले में जांच चल रही है.
'बनर्जी के पिता हैं कंपनी के डायरेक्टर्स में से एक'
बनर्जी के पिता अमित बनर्जी लीप्स एंड बाउंड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स में से एक हैं. उनकी पत्नी रुजीरा बनर्जी अपने पिता के साथ लीप एंड बाउंड मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड की डायरेक्टर हैं. अधिकारियों ने आजतक/इंडिया टुडे को बताया, "स्थानीय स्तर के सिंडिकेट मुद्दों से बचने के लिए दोनों कंपनियां व्यापार मालिकों से पैसा प्राप्त कर रही थीं.
अभिषेक बनर्जी से टीएमसी युवा नेता विनय मिश्रा के साथ उनके कथित संबंध को लेकर भी पूछताछ की गई, जो इस मामले में एक फरार आरोपी है. ईडी का दावा है कि विनय मिश्रा ने परिवहन और नकदी की आवाजाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जो कथित तौर पर कोयले की तस्करी से मिली थी. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में अभिषेक बनर्जी ने किसी भी वित्तीय मामले के संबंध में कथित अपराध या विनय मिश्रा के साथ उनके संबंध के बारे में किसी भी जानकारी से इनकार किया है. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ करने वाले अधिकारी बनर्जी के जवाबों से संतुष्ट नहीं थे.
ईडी ने अभिषेक बनर्जी से मामले के मुख्य आरोपी अनूप मांझी और पुलिस निरीक्षक अशोक मिश्रा के संबंध में भी पूछताछ की. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी ने उनके साथ किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया. ईडी का दावा है कि मार्च 2020 से कोयला तस्करी मामले के मुख्य आरोपी अनूप माझी ने मामले में एक गवाह को गिरफ्तार पश्चिम बंगाल पुलिस के इंस्पेक्टर अशोक मिश्रा को पैसे देने का निर्देश दिया था.