मध्य प्रदेश में सनसनी पैदा करने वाले व्यापम घोटाले को सामने लाने वाले मुख्य सामाजिक कार्यकर्ता आनंद रॉय बुधवार को प्रगति भवन में बीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. पार्टी के अध्यक्ष केसीआर ने उन्हें सादरपूर्वक पार्टी में शामिल कराया. अन्नद रॉय एक RTI आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता के रूप में मशहूर हैं. एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर लोगों के बीच उनकी अच्छी पकड़ है.
मध्य प्रदेश में, आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले प्रमुख आदिवासी अधिकार मंच 'जय आदिवासी युवशक्ति संगठन (JAYS)' ने बीआरएस पार्टी को अपना समर्थन देने की घोषणा की है.
आदिवासियों के लिए लड़ने वाला संगठन
यह मध्य प्रदेश में आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला एक प्रमुख संगठन है. आनंद राय इस संगठन के प्रमुख नेता हैं. उनके साथ, JAYS के वर्तमान अध्यक्ष लाल सिंह बर्मन, पंचम भील, अश्विन दुबे, गाजीराम बडोले, कैलाश राणा और अन्य लोग बीआरएस पार्टी में शामिल हुए.
बीआरएस को JAYS का पूर्ण समर्थन
जे.ए.वाई. एस (JAYS) के संस्थापक विक्रम अचलिया ने कहा कि तेलंगाना राज्य में बीआरएस पार्टी के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के शासन में, SC, ST, OBC, अल्पसंख्यकों के विकास के लिए मानवीय पहलू के साथ कल्याण और विकास कार्यक्रम जारी हैं. उन्होंने कहा कि उनका जय आदिवासी युवशक्ति संगठन (JAYS) बीआरएस के अध्यक्ष, सीएम केसीआर का पूरा समर्थन कर रहा है जो देश में गुणात्मक परिवर्तन लाने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के 75 वर्षों में गरीबों, पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों की आकांक्षाएं पूरी नहीं हुई हैं और पूरे देश में यह विश्वास महसूस किया जा रहा है कि सीएम केसीआर यहां के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर रहे हैं.
'वैकल्पिक मंच बन रहा BRS'
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में BRS देश के वैकल्पिक राजनीतिक मंच के रूप में उभर रहा है. बीआरएस ने पार्टी को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की. इस अवसर पर जे.ए.वाई. एस (JAYS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा, महिला कार्यभारी सीमा वास्कले, मध्य प्रदेश अध्यक्ष रामदेव काकोडिया मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में विधायक जीवन रेड्डी, तेलंगाना फूड्स के अध्यक्ष मेडे राजीव सागर, तेलंगाना राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रविंदर सिंग, BRS पार्टी के नेता महासचिव हिमांशु तिवारी, बाबा फसीउद्दीन, शंकरन्ना दोंगडे, माणिक कदम सहित अन्य महाराष्ट्र के नेता मौजूद रहे.