सुपरस्टार रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिला है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को ऐलान किया. इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर से जब पूछा गया कि क्या तमिलनाडु के चुनाव के कारण रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के अवार्ड दिया जा रहा है? इस पर जावड़ेकर उखड़ गए और कहने लगे कि सवाल सही पूछा कीजिए.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह सिने जगत से जुड़ा हुआ अवार्ड है, पांच लोगों की ज्यूरी ने सामूहिक रूप से रजनीकांत के नाम का फैसला किया, इसमें राजनीति कहां से आ गई, सवाल सही पूछा कीजिए. इससे पहले जावड़ेकर ने रजनीकांत के फिल्म जगत में किए गए योगदान की चर्चा की.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि रजनीकांत बीते 5 दशक से सिनेमा की दुनिया पर राज कर रहे हैं और लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं, यही कारण है कि इस बार दादा साहेब फाल्के की ज्यूरी ने रजनीकांत को ये अवॉर्ड देने का फैसला लिया गया है, पांच लोगों की ज्यूरी ने एकमत से यह फैसला लिया है.
गौरतलब है कि पिछले दिनों ही रजनीकांत ने अपनी सियासी पारी शुरू करने का ऐलान किया था. उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से बात भी की थी, हालांकि बाद में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने (रजनीकांत) राजनीति में आने की अपनी योजना टाल दी थी.
रजनीकांत के प्रशंसकों की एसोसिएशन रजनी मक्कल मण्ड्राम (Rajini Makkal Mandram) की तमिलनाडु में 65,000 इकाइयां हैं. इसी इकाइयों को रजनीकांत राजनीतिक पार्टी में तब्दील करने वाले थे, लेकिन ऐन चुनाव से पहले उन्होंने राजनीति में एंट्री को टाल दिया. अब तमिलनाडु की सियासत कर रही कई पार्टियों को रजनीकांत के समर्थन की उम्मीद है.
मक्कल निधि मैयम (Makkal Needhi Maiam, MNM) के कमल हासन के अलावा बीजेपी को उम्मीद है कि रजनीकांत चुनाव में उनकी वैतरणी को पार लगा सकते हैं. इस बीच रजनीकांत के प्रशंसकों की एसोसिएशन रजनी मक्कल मण्ड्राम 1.25 करोड़ से अधिक सदस्यों के रजिस्ट्रेशन की योजना बना रही है.