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Aero India 2023: भारतीय सेना के बेड़े में जल्द ही 'मेड इन इंडिया' हेलिकॉप्टर और मिसाइलें शामिल होने वालीं हैं. आर्मी चीफ जनरल मनोज पांडे ने बताया कि सेना 95 'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर और 110 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर खरीदने की तैयारी कर रही है.
जनरल पांडे ने बताया कि हाई एल्टीट्यूड वाले इलाकों में तैनाती के लिए सेना स्वदेशी निर्मित LCH को शामिल करने के बारे में सोच रही है, क्योंकि ये हेलिकॉप्टर पहाड़ी इलाकों के लिए बेहतर हैं. उन्होंने बताया कि ये LCH और LUH सेना में चीता और चेतक हेलिकॉप्टर को रिप्लेस करेंगे.
उन्होंने बताया कि LCH प्रचंड में इंटीग्रेट होने वाले हथियारों में से एक हेलीना मिसाइल (Helina Missiles) होंगी और इसका ट्रायल सफल रहा है.
एलसीएच प्रचंड, एलयूएच और हेलीना मिसाइल को सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है. ये तीनों बेंगलुरु में चल रहे एयरो इंडिया में प्रदर्शित किए गए हैं.
प्रचंड में क्या है खास?
- प्रचंड एक मल्टी रोल, लाइट अटैक हेलिकॉप्टर है. ट्रायल के दौरान इस हेलिकॉप्टर को सियाचिन में लैंड कराया गया था. ये दुनिया का पहला अटैक हेलिकॉप्टर है, जो सियाचिन में लैंड हुआ था.
- हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के मुताबिक, प्रचंड हेलिकॉप्टर हाई एल्टीट्यूट वाले इलाकों में आसानी से लैंड कर सकता है. ये हेलिकॉप्टर कई बार 13,600 फीट से लेकर 15,800 फीट तक की ऊंचाई पर लैंड कर चुका है.
- 5.8 टन वजनी इस हेलिकॉप्टर में डबल इंजन दिया गया है. ये हाई एल्टीट्यूट यानी ऊंचे इलाकों में दुश्मन के टैंक, बंकर, ड्रोन और दूसरे सैन्य हथियारों को तबाह कर सकता है.
- ये हेलिकॉप्टर बहुत आधुनिक है और ये रात के वक्त भी अटैक करने में सक्षम है. इतना ही नहीं, ये दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में भी आसानी से ऑपरेट हो सकता है.
- इस हेलिकॉप्टर में कई हथियारों को लोड किया जा सकता है. इसमें चिन माउंटेड गन, 69 मिमी रॉकेट, बॉम्ब, हवा से हवा और हवा से जमीन में मार करने वाली मिसाइलों को तैनात किया जा सकता है.
- आर्मी चीफ ने कहा कि LCH बहुत वर्सेटाइल है. उन्होंने बताया कि पांच में से तीन LCH सेना को पहले ही मिल चुके हैं. सेना अभी 95 और प्रचंड खरीदने पर विचार कर रही है.
LUH में क्या है खास?
- लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्ट (LUH) को भी HAL ने डिजाइन किया है. ये हेलिकॉप्टर भी हाई एल्टीट्यूड वाले इलाकों में ऑपरेट करने में सक्षम है.
- ये हेलिकॉप्टर 220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है. इसकी रेंज 350 किमी है और इसमें एक बार में 500 किलो तक के हथियारों को लोड किया जा सकता है.
- तीन टन वजनी इस हेलिकॉप्टर में कई खास टेक्नोलॉजी फीचर्स दिए गए हैं. इसमें ग्लास कॉकपिट है, जो मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले के साथ आती है.
- इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल जवानों और हथियारों को लाने-ले जाने के लिए किया जाएगा. साथ ही सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, एरियल सर्वे और पेट्रोलिंग जैसे काम किए जाएंगे. ये चेतक और चीता को रिप्लेस करेगा.
- आर्मी चीफ जनरल पांडे ने बताया कि अब तक ऐसे 6 हेलिकॉप्टर मिल चुके हैं. इनके अलावा 110 और हेलिकॉप्टर खरीदने की तैयारी चल रही है.
हेलीना मिसाइल क्या है?
- आर्मी चीफ जनरल पांडे ने बताया कि लड़ाकू हेलिकॉप्टरों के लिए हेलीना मिसाइलों की खरीद पर भी विचार चल रहा है. ये एंटी-टैंक मिसाइलें हैं.
- उन्होंने बताया कि डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने पहले ही 40 हेलीना लॉन्चर और मिसाइल की खरीद को मंजूरी दे दी है.