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अफगानिस्तान: कांग्रेस ने अटल का नाम लेकर मोदी सरकार को घेरा, कहा- PM क्यों नहीं कर रहे ब्रीफ?

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद उपजे ताजा हालात पर गुरुवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र के सामने कई सवाल उठाए.

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सर्वदलीय बैठक (PTI)
सर्वदलीय बैठक (PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अफगानिस्तान मुद्दे पर केंद्र ने की सर्वदलीय बैठक
  • बैठक में कांग्रेस ने पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी का दिया उदाहरण
  • कांग्रेस ने पूछा- आखिर पीएम मोदी क्यों नहीं कर रहे ब्रीफिंग

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद उपजे ताजा हालात पर गुरुवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र के सामने कई सवाल उठाए. कांग्रेस ने पूछा कि अगर 31 अगस्त के बाद भी अफगानिस्तान में भारतीय फंसे रह जाते हैं, तो उन्हें बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार की क्या रणनीति है? अब भी अफगानिस्तान में और कितने भारतीय फंसे हुए हैं, जिन्हें निकाला जाना है. साथ ही कांग्रेस ने सरकार को पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की सर्वदलीय बैठक के बारे में भी याद दिलाया.

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सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देकर केंद्र सरकार पर सवाल खडे़ किए. बैठक में कांग्रेस ने पूछा कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी विपक्षी दलों को ब्रीफ क्यों नहीं कर रहे है और उन्होंने इसे विदेश मंत्री पर क्यों छोड़ दिया है? उन्होंने कहा कि क्या यह सही नहीं है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिकी आक्रमण के बाद 15 सितंबर और 30 सितंबर, 2001 को सर्वदलीय बैठक में जानकारी दी थी.

'मानवीय सहायता के लिए क्या कदम उठा रही सरकार?'
बैठक में मौजूद कांग्रेस नेता ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि भारत आश्वासन की भावना प्रदान करे और अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी एकजुटता को दृढ़ता से व्यक्त करे. साथ ही मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता के सिद्धांतों को बनाए रखे. कांग्रेस ने पूछा कि आखिर भारत सरकार द्वारा मानवीय सहायता के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? बैठक में कांग्रेस ने अफगानिस्तान से जुड़े आठ सवाल किए. 

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पार्टी ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को प्रभावित करने वाले आतंकवाद में वृद्धि और तालिबान के फिर से उभरने चुनौतियां चिंतित करने वाली हैं. सरकार को आतंकवाद के खिलाफ सबसे मजबूत संभव उपाय करने चाहिए और जम्मू-कश्मीर में अपने बचाव को मजबूत करना चाहिए. कांग्रेस ने इसको लेकर केंद्र सरकार का विचार पूछते हुए कहा कि अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए हैं?

'सहयोगियों से अलग-थलग दिखाई दे रहा भारत'
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने आगे कहा कि ऐसी धारणा बन रही है कि भारत अफगानिस्तान मुद्दे पर अपने पारंपरिक सहयोगियों से अलग-थलग दिखाई दे रहा है. पीएम मोदी ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर से बात की थी. कांग्रेस जानना चाहेगी कि चर्चा के दौरान क्या हुआ? इसके अलावा, कम समय और लंबे समय में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए कौन से राजनयिक या अन्य रणनीतिक कदमों की योजना बनाई जा रही है?

अफगान महिला सांसद को डिपोर्ट किए जाने का मुद्दा भी उठा
कांग्रेस ने बैठक के दौरान अफगानिस्तान की महिला सांसद रंगीना कारगर को दिल्ली एयरपोर्ट से डिपोर्ट किए जाने का मुद्दा भी उठाया. कांग्रेस ने कहा कि वह साल 2010 से सासंद हैं और उन्हें दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट से 20 अगस्त को डिपोर्ट किया गया. विदेश मंत्रालय ने ऐसा कदम क्यों उठाया, जबकि महिला सांसद भारत अक्सर आती रहती हैं और उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट भी है. इसके साथ ही कांग्रेस ने यह भी पूछा कि हाल ही में अफगानिस्तान संकट पर चर्चा के लिए तालिबान के साथ दोहा में गुप्त वार्ता होने की खबर आई थी. क्या ऐसी बातचीत हुई थी और अगर हुई थी तो इन विचार-विमर्शों का परिणाम क्या रहा? वहीं, तालिबान को लेकर मोदी सरकार अपनी भविष्य की रणनीति कैसे बनाती है और वह तालिबान के साथ काम करेगी या नहीं?

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