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अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) का कब्जा होने के बाद वहां फंसे भारतीयों के लिए अपनी जान बचाकर सुरक्षित आना सबसे मुश्किल काम था. देखते ही देखते काबुल (Kabul) समेत अफगानिस्तान के अन्य इलाकों में हालात बिगड़ रहे थे, इस मुश्किल भरे दौर से गुजर कर भारतीय डॉक्टर पराग रबडे अफगानिस्तान से सुरक्षित भारत लौटे हैं.
डॉ. पराग रबडे ने आजतक से अपने पूरे अनुभव को साझा किया है, कैसे वह बड़ी मुश्किल से भारत पहुंच पाए, एक अफगानी ड्राइवर ने किस तरह उन्हें सुरक्षित पहुंचाने का वादा किया और रास्ते में कैसे तालिबानियों ने उन्हें रोक दिया था.
डॉ. पराग रबडे ने बताया कि जब अफगानिस्तान में हालात बिगड़ रहे थे, तब उन्होंने एयर इंडिया का टिकट बुक करवाया था ताकि जल्द से जल्द भारत पहुंच जाएं. लेकिन जब उनकी फ्लाइट की बारी आई, तबतक सारी कमर्शियल फ्लाइट कैंसल हो गई थीं.
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उन्होंने बताया कि वह सबसे पहले एक टैक्सी कर काबुल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, लेकिन हर तरफ अफरातफरी का माहौल था. हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर थे और एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे. तभी मैंने अपने टैक्सी ड्राइवर को कहा कि जल्दी एयरपोर्ट ले ले, वह भारतीय हैं.
उसके बाद ड्राइवर ने डॉ. पराग को भरोसा दिलाया कि आप चिंता ना करें, वह आपको सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचा देगा. इसी के बाद बड़ी मुश्किल से वह एयरपोर्ट पहुंच पाए थे, जहां पर लोगों का हुजूम था लेकिन तबतक कमर्शियल फ्लाइट बंद हो गई थीं.
जब रास्ते में मिले तालिबानी...
डॉ. पराग के मुताबिक, जब वह भारतीय दूतावास जा रहे थे तब उन्हें रास्ते में तालिबानियों ने रोक लिया था. तालिबानी लड़ाकों के हाथ में एके-47 थी, उन्हें रास्ते में रोका गया. जब तालिबानियों को बताया कि वह भारतीय हैं, तब उन्होंने जाने दिया. तालिबानियों ने उन्हें कुछ नहीं कहा.
आपको बता दें कि डॉ. पराग रबडे उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा काबुल से बचाकर भारत वापस लाया गया है. भारत ने अपनी एम्बेसी और बाकी लोगों को सुरक्षित निकाला है और अभी जो अन्य भारतीय फंसे हुए हैं उन्हें निकालने का काम जारी है.