अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद वहां फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है. भारत भी अफगान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन चला रहा है. रक्षाबंधन पर सुबह रविवार को भी काबुल से फ्लाइट भारत में लैंड हुई. इसमें कुल 168 भारतीय वापस आए. वहीं ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने अफगान संकट पर जी-7 की अर्जेंट बैठक बुलाई है.
अफगानिस्तान का अजेय दुर्ग माना जाने वाली पंजशीर घाटी पर भी तालिबान की नजर है. तालिबानी लड़ाके पंजशीर घाटी की ओर आगे बढ़ रहे हैं. तालिबान ने दावा किया है कि सैकड़ों लड़ाके पंजशीर घाटी की ओर बढ़ रहे हैं.
पंजशीर के शेर कहे जाने वाले अहमद शाह मसूद के 32 वर्षीय बेटे अहमद शाह ने कहा है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों को तालिबान को नहीं सौंपेंगे. रविवार को अल-अरबिया टीवी चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे युद्ध नहीं करेंगे लेकिन किसी भी तरह के आक्रमण का विरोध करेंगे.
अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद 7 लोग सुरक्षित अपने गृहराज्य कर्नाटक लौट गए हैं. रविवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. 5 लोग जहां मंगलुरु के हैं, वहीं बेंगलुरु और बेल्लारी से भी एक-एक लोग हैं. वहीं काबुल में 2 लोग अब भी फंसे हुए हैं.
अफगानिस्तान से भारतियों को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान से 146 भारतीयों का दूसरा जत्था आज भारत वापस लाया जा रहा है. दरअसल 146 लोगों को पहले दोहा पहुंचाया गया था, वहीं से उन्हें लाया जा रहा है. भारतीय दूतावास ने ऑपरेशन में शामिल सभी लोगों को धन्यवाद कहा है.
वहीं अफगानिस्तान के तजाकिस्तान में तैनात राजदूत मोहम्मद जहीर अगबर ने इंडिया टुडे से हुई बातचीत में कहा कि अफगानिस्तान के पास अमेरिका द्वारा प्रशिक्षित एक बेहतरीन सेना थी वहीं तालिबानी लड़ाके पूरी तरह से ट्रेंड नहीं थे. अशरफ गनी का तालिबान के खौफ से देश छोड़ना बड़ा मुद्दा था. अशरफ गनी ने बिना किसी लड़ाई के आत्मसमर्पण कर दिया. वे ताजिकिस्तान भी नहीं आए.
अफगानिस्तान के राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने कहा है कि तालिबान और राजनीतिक नेताओं के बीच बैठकों के बावजूद भविष्य की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई है. हालांकि नेताओं ने कहा है कि ऐसी राजनीति हो जो पूरे अफगान राष्ट्र की आकांक्षाओं को दर्शाए. कुछ नेताओं ने कहा कि अफगान राजनीतिक नेताओं और तालिबान के बीच हाल की बैठकें केवल परामर्श के रूप में आयोजित की गईं. भविष्य की व्यवस्था के बारे में कोई गंभीर चर्चा नहीं हुई.
यूके के प्रधानमंत्री अफगानिस्तान पर होने वाली बैठक में अफगानिस्तान का मुद्दा उठाने वाले हैं. 24 अगस्त को अफगान संकट पर जी-7 की अहम बैठक होने वाली है. ब्रिटिश पीएम ने कहा है कि 20 वर्षों से लगातार संकट का सामना कर रहे अफगानिस्तान को मदद की जरूरत है. वहां चल रहे संकट को खत्म करने के लिए लोगों को एकजुट होना होगा.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वे अफगानिस्तान संकट पर बातचीत के लिए मंगलवार को G-7 नेताओं के साथ बातचीत करेंगे. अफगानिस्तान के लोगों को मदद की जरूरत है. विश्व समुदाय से बोरिस जॉनसन ने अपील की है कि अफगानिस्तान की मदद की जाए.
अफगानिस्तान में तालिबान के शासन से उत्साहित बांग्लादेश की जिहादी मानसिकता वाले युवाओं में उत्साह देखने को मिल रही है. भारत होकर अफगानिस्तान जाने वाले ऐसे युवकों को पकड़ने के लिए सीमा पर बीएसएफ तैनात है. बीएसएफ दक्षिण सीमांत के डीआईजी एस एस गुलेरिया ने बताया कि भारत बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ पूरी तरह से अलर्ट है. हालांकि अब तक ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. जब से बांग्लादेश के उच्चाधिकारियों को इस आशंका की जानकारी मिली है, तभी से बीएसएफ अलर्ट हो चुकी है.
अफगानिस्तान के पंजशीर प्रांत में तालिबान को सबसे बड़ी चुनौती मिल रही है. निर्वासित अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार में रक्षामंत्री जनरल बिस्मिल्लाह मोहम्मदी ने पंजशीर की रक्षा करने का वादा किया और कि पंजशीर में तालिबान का विरोध करना जारी रहेगा.
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि एक अफगान महिला ने वायुसेना के विमान सी-17 में एक बच्ची को जन्म दिया है.
तालिबान की तरफ से वादा किया गया है कि वह क्रिकेट को समर्थन देंगे. कहा गया है कि अफगान की क्रिकेट टीम ने उनके पिछले राज में खेलने शुरू किया था, उसको समर्थन जारी रहेगा. अजीजुल्लाह फज्लिक को तालिबान ने अफगान क्रिकेट बोर्ड का नया डायरेक्टर जनरल बनाया है.
यूके के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर का कहना है कि अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान से सैनिक वापस बुलाने के फैसले से दुनियाभर के जिहादी खुश हैं. उन्होंने अमेरिका के इस फैसले को दुखद, खतरनाक, अनावश्यक बताया है.
अफगान से दिल्ली लौटे दीपेन शेरपा ने कहा, 'अफगान की स्थिति लोगों के लिए खतरनाक है. वहां फायरिंग, बमबारी होती रहती है. ताबिलान पर भरोसा नहीं किया जा सकता. वे लोगों को पीट रहे हैं. सब लोग डरे हुए हैं.'
पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट किया है कि सुबह काबुल से दिल्ली लौटे 209 लोगों में 24 अफगान सिख भी हैं. अब विदेश मंत्रालय 222 अफगान सिख और हिंदुओं को भी वहां से जल्द निकालेगा.
पाकिस्तान ने काबुल एयरपोर्ट जाने वाली अपनी फ्लाइट सर्विस को फिलहाल रोक दिया है. फिलहाल वह वहां फंसे अपने लोगों को नहीं निकाल रहा है.
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अफगान संकट का जिक्र कर CAA को जरूरी बताया. उन्होंने लिखा, 'हमारे पड़ोस की ताजा घटना और जिस तरह सिख और हिंदुओं के साथ वहां बर्ताव हुआ वह बताता है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) क्यों जरूरी है.'
तालिबान ने काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा अपनी स्पेशल फोर्स बद्री 313 यूनिट को सौंप दी है.
वरिष्ठ अफगान राजनेता और नंगरहार के पूर्व गवर्नर मोहम्मद शफीक गुल आगा शेरजाई ने तालिबान को समर्थन दे दिया है.
अफगान संकट के बीच विदेश मंत्रालय ने अफगान स्पेशल सेल बनाया था. इसपर पिछले 5 दिनों में 2 हजार फोन कॉल आ चुकी हैं. वहीं स्टाफ ने वॉट्सऐप पर 6 हजार से ज्यादा प्रश्नों के उत्तर दिए हैं. इसके अलावा 1200 ई-मेल के रिप्लाई भी किए गए हैं.
श्रीलंका ने उम्मीद जताई कि तालिबान अफगानिस्तान में कब्जा करने के बाद अब आम-माफी देने, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने और किसी भी विदेशी को नुकसान नहीं पहुंचाने के अपने वादों पर कायम रहेगा. पढ़ें पूरी खबर
ब्रिटिश मिलिट्री की तरफ से बयान आया है कि काबुल एयरपोर्ट पर भगदड़ में 7 और अफगान नागरिकों की मौत हुई है. मिलिट्री की तरफ से रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि हालात खराब हैं लेकिन काबू में करने की हर संभव कोशिश हो रही है. ये भगदड़ इसलिए मची थी क्योंकि तालिबानी एयरपोर्ट के पास हवा में गोलियां चलाते हैं. ये गोलियां उन लोगों को डराने के लिए चलाई जा रही हैं जो देश छोड़कर जाना चाहते हैं.
अफगान के काबुल से जो ग्लोबमास्टर प्लेन आया है उसमें 168 यात्रियों के साथ एक नवजात बच्चा भी है. जानकारी के मुताबिक, उसका पासपोर्ट नहीं था, लेकिन मानवीय दृष्टि दिखाते हुए उसे बचाकर भारत लाया गया है.
#WATCH | An infant was among the 168 people evacuated from Afghanistan's Kabul to Ghaziabad on an Indian Air Force's C-17 aircraft pic.twitter.com/DoR6ppHi4h
— ANI (@ANI) August 22, 2021
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने लिखा कि अफगान से लौटे यात्रियों को पोलियो वैक्सीन (OPV और FIPV) फ्री लगाई जा रही है. ऐसा वाइल्ड पोलिया वायरस के खतरे को देखते हुए किया जा रहा है. (दिल्ली एयरपोर्ट की तस्वीर)
कोरोना संकट को देखते हुए अफगानिस्तान से भारत लाए गए लोगों का कोरोना RT-PCR टेस्ट हो रहा है. इन लोगों का हिंडन एयरबेस पर ही सैंपल लिया जा रहा है. ग्लोबमास्टर से लाए गए 168 लोगों में 107 भारतीय शामिल हैं.
People wait for their RTPCR tests at Hindon Air Force Station, Ghaziabad after being evacuated from Afghanistan's Kabul, amid a takeover of power by the Taliban.
— ANI (@ANI) August 22, 2021
168 passengers, including 107 Indian nationals, were evacuated from Afghanistan via Indian Air Force's C-17 aircraft pic.twitter.com/uE2SGQ2ReN
भारतीय एयरफोर्स का C-17 ग्लोबमास्टर विमान आज सुबह 11 बजे करीब हिंडन एयरबेस पर लैंड हुआ. इसमें कुल 168 लोग सवार थे, जिसमें से 107 भारतीय थे.
Indian Air Force's C-17 aircraft that took off from #Afghanistan's Kabul earlier this morning, lands at Hindon IAF base in Ghaziabad.
— ANI (@ANI) August 22, 2021
168 people, including 107 Indian nationals, were onboard the aircraft. pic.twitter.com/oseatpwDZv
अफगान संकट के बाद वतन वापसी करना चाह रहे लोगों को भारत सरकार जितनी जल्दी हो सके वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. शनिवार रात को एयरइंडिया की फ्लाइट से 87 भारतीय नई दिल्ली आए. इन लोगों को फ्लाइट तजाकिस्तान से लेकर आई थी. फ्लाइट में दो नेपाल के नागरिक भी थे.