श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब का नार्को टेस्ट गुरुवार को होना है. मर्डर मिस्ट्री से जुड़े अनसुलझे सवालों के जवाब इस नार्को टेस्ट के बाद मिलने की उम्मीद है. नार्को टेस्ट में आरोपी आफताब से 50 के करीब सवाल किए जाने हैं. इसको लेकर पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है. आफताब पर हुए हमले के बाद उसकी सुरक्षा के भी कड़े प्रतिबंध किए गए हैं.
इससे पहले आफताब का पोलीग्राफ टेस्ट पूरा हो चुका है. अब गुरुवार सुबह 10 बजे के करीब उसका नार्को टेस्ट होगा.
नार्को टेस्ट को लेकर क्या तैयारियां?
पहले एक दिसंबर को आफताब का सुबह ही मेडिकल टेस्ट होगा. इसके बाद तिहाड़ जेल से दिल्ली पुलिस आफताब को सुबह तकरीबन 7:30 बजे अंबेडकर हॉस्पिटल लेकर जाएगी. इस दौरान आफताब की सुरक्षा कड़ी रहेगी. अंबेडकर हॉस्पिटल के बाहर भी दिल्ली पुलिस की भारी भरकम टीम मौजूद होगी. ये इंतजाम इसलिए हैं क्योंकि बीते दिनों आफताब को लेकर जा रहे पुलिस वाहन पर हमला हो गया था. हमला करने वालों ने खुद को हिंदू सेना से जुड़ा बताया था. उनका कहना था कि वे श्रद्धा की हत्या का बदला लेना चाहते थे.
अब गुरुवार को सुबह 9 बजे तक आफताब को अंबेडकर अस्पताल पहुंचा दिया जाएगा. अस्पताल पहुंचने पर भी आफताब का मेडिकल टेस्ट होगा. इसमें उसके शरीर के सभी पैरामीटर चैक किए जाएंगे. फिर सुबह 10 बजे से आफताब का नार्को टेस्ट शुरू होगा.
जेल में कैसा है आफताब का व्यवहार?
आफताब पॉलीग्राफ टेस्ट से आने के बाद भी नॉर्मल व्यवहार कर रहा है. जेल में आकर उसने जेल मैन्युअल के हिसाब से मिला खाना खाया था. आफताब कई घंटों तक सो भी रहा है. उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं है.
आफताब की सेल में 2 अंडर ट्रायल कैदी भी बंद हैं. वे चोरी के मामले में तिहाड़ जेल में कैद हैं. इनसे आफताब जेल के खाने की क्वालिटी के बारे में पूछता रहता है.
पॉलीग्राफ टेस्ट में आफताब ने कबूली हत्या की बात
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग दिन हुए पॉलीग्राफ टेस्ट में आफताब ने श्रद्धा की हत्या की बात कबूली थी. उसने कहा था कि मैंने ही श्रद्धा का मर्डर किया है. साथ ही आफताब ने ये भी कहा था कि हत्या का उसे कोई अफसोस नहीं है.
अभी भी अनसुलझे हैं ये सवाल
- श्रद्धा का सिर सच में तलाब में फेंका या कहीं और ?
- श्रद्धा के शव के बाकी हिस्से कहां हैं?
- मर्डर के वक्त श्रद्धा के पहने हुए कपड़े कहां हैं.
- श्रद्धा का मोबाइल महाराष्ट्र के समुद्र में फेंका था या कहीं छिपाया है.
नार्को टेस्ट से पुलिस को क्या उम्मीद?
आरोपी आफताब नार्को टेस्ट में कई राज खोल सकता है. अब तक आफताब ने बहुत सारी बातें बताई नहीं हैं या बताई भी हैं तो वो बार-बार पलट जा रहा है. हालांकि, नार्को टेस्ट के दौरान आरोपी का बयान कोर्ट में मान्य नहीं होता है. बस नार्को टेस्ट की रिपोर्ट को कुछ परिस्थितियों में इसे सबूत के तौर पर पेश किया जा सकता है. मतलब अगर आफताब सब सच बता भी देता है तो भी उससे अदालत में उसका दोष साबित नहीं कर सकते. इसका मतलब है कि आफताब को दोषी साबित करने के लिए उसके खिलाफ सबूत जुटाने होंगे.