खालिस्तानी आतंकियों और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल गैंगस्टरों की विदेशी धरती पर मौजूदगी को लेकर भारत और कनाडा के बीच तल्खी बढ़ती जा रही है. खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की वहां हत्या के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहाट आ गई है.
दोनों देशों के रिश्तों में आए इस खटास की कुछ प्रमुख वजहें हैं. पंजाब में भारत विरोधी गितिविधि हो या फिर गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, या कांग्रेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली का कत्ल इन सभी वारदातों को अंजाम देने का केंद्र कनाडा ही रहा है.
कनाडा की धरती पर भारत विरोधी इन साजिशों को लेकर भारत सरकार आधिकारिक तौर पर वहां के प्रधानमंत्री ट्रूडो के सामने विरोध दर्ज करा चुकी है लेकिन फिर भी कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो इन आतंकियों और गैंगस्टर्स की वकालत करते रहे हैं.
कांग्रेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली की हत्या
सबसे पहले बात करते हैं पंजाब के मोगा जिले में कांग्रेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली की हत्या की जिसकी पूरी स्क्रिप्ट कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकियों ने लिखी थी. बल्ली की हत्या को लेकर पुलिस ने बताया था कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर बल्ली की गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या की ये पूरी वारदात बल्ली के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई.
बल्ली डाला गांव के रहने वाले थे और अजीतवाल में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष थे. इस घटना के कुछ घंटों बाद ही कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी अर्श डाला ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस हत्या की जिम्मेदारी ले ली.
अर्श डाला ने फेसबुक पोस्ट में यह आरोप लगाया कि बल्ली ने उसका भविष्य खराब कर दिया और उसे गैंगस्टर बनने पर मजबूर कर दिया था. डाला ने कहा कि उसकी मां की पुलिस हिरासत के पीछे भी बल्ली का हाथ था और इसी का बदला लेने के लिए उसकी हत्या कराई.
कनाडा में ही रची गई थी सिद्धू मूसेवाले की हत्या की साजिश
सिद्धू मूसेवाला की हत्या की पूरी साजिश भी कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ और उसके गुर्गों ने रची थी. पंजाब के मानसा में 29 मई 2022 को महज 28 साल की उम्र में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उन्हें मारने आए हमलावरों ने गोलियों से छलनी कर दिया था. पुलिस ने जब इस मामले की जांच की तो इस हत्या का कनाडा कनेक्शन सामने आया था.
जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को पता चला कि हत्या की प्लानिंग दिल्ली के तिहाड़ जेल में की गई थी और कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ ने इसकी सुपारी दी थी. इस हत्याकांड की जिम्मेदारी भी गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ही ली थी.
साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तिहाड़ में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कनाडा में बैठे दूसरे गैंगस्टर गोल्डी बरार से फोन पर बात हुई थी. फिर रेकी की गई और शार्प शूटर्स का इंतज़ाम किया गया और घात लगा कर सिद्धू मूसेवाला का क़त्ल कर दिया गया. लॉरेंस बिश्नोई ने इस हत्या को अंजाम देने के लिए कनाडा में मौजूद अपने साथी गोल्डी बराड़ के साथ जेल से ही चोरी छिपे वर्चुअल नंबरों के जरिए कई बार बात की थी.
दरअसल देश से भागकर कनाडा पहुंचने वाले गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकियों की लंबी लिस्ट है जो वहां शरण लेकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक ऐसी भी चर्चा है कि कनाडा में खालिस्तानियों और गैंगस्टर का गठजोड़ बन गया है.
बात चाहे बलजिंदर सिंह बल्ली की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले अर्श डाला की हो या फिर गोल्डी बरार की ऐसे कई नाम हैं जो कनाडा में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रचते हैं और उसे पंजाब में अंजाम देकर देश को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं. कनाडा में बैठे ऐसे गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी जो भारतीय जांच एजेंसियों की रडार पर हैं उन पर कड़े एक्शन की गुजारिश कई बार भारत सरकार कर चुकी है लेकिन कनाडा में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.
NIA के रडार पर हैं कनाडा में बैठे ये खालिस्तानी आतंकी-गैंगस्टर
अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला, गुरविंदर सिंह, सतवीर सिंह, सनवर ढिल्लन, गुरप्रिंदर सिंह, सुखदूल सिंह उर्फ सुखा दुनेके, गुरपिंदर सिंह उर्फ बाबा दल्ला, सतवीर सिंह वारिंग उर्फ सैम, लखबीर सिंह लांडा, चरनजीत सिंह उर्फ रिंकू बिहला, रामदीप सिंह उर्फ रमन जज, गुरपतवंत सिंह पन्नू ऐसे नाम हैं जो भारतीय जांच एजेंसी के मोस्टवांटेड अपराधी हैं लेकिन कनाडा में छुपे बैठे हैं और भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं.
भारत की जांच एजेंसियां कई बार कनाडा की एजेंसियों को गैंगस्टर और खालिस्तानियों की लिस्ट दे चुकी है पर उन पर कार्रवाई की जगह उन्हें वहां सुरक्षित जगह और मदद उपलब्ध कराई जाती है.
भारतीय उच्चायोग पर हमले की जांच के लिए जाएगी NIA टीम
NIA की एक टीम कनाडा में भारतीय उच्चायोग पर हमले के मामले में जांच के लिए अगले महीने कनाडा जाने वाली है, अब देखना है कि कनाडा की जांच एजेंसी इसमें उनकी मदद करती है या नहीं. बता दें कि बीते 3 साल में ISI की सरपरस्ती में कनाडा में भारत के खिलाफ साजिश रची जा रही है जिसमें हरदीप सिंह, गुरपत्रावंत सिंह पन्नू और अर्श डाला की अहम भूमिका है.
2018 में भारत से भागा था निज्जर
कनाडा में मारा गया खालिस्तान आतंकी हरदीप सिंह निज्जर वहां अपने आप को एक प्लंबर और धार्मिक शख्स के रूप में लोगों के सामने पेश करता था लेकिन उसका असली मकसद कुछ और था. वो साल 2018 में भारत से फरार होकर कनाडा पहुंचने के बाद गैंगस्टर अर्श डाला के संपर्क में आया था.
ये भी कहा जा रहा है कि 3 महीने से निज्जर हत्याकांड में जांच कर रही कनाडा की एजेंसी के हाथ में कोई भी ठोस सबूत नहीं लगा है, इसलिए अब भारतीय राजनयिक की बर्खास्तगी को इससे जोड़कर कनाडा की सरकार अपनी जनता का सपोर्ट हासिल करना चाह रही है.