आजतक के महामंच 'एजेंडा आजतक' पर शनिवार को दूसरे दिन राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक की कई दिग्गज हस्तियां शिरकत की. सबसे पहले एजेंडा आजतक के मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहुंचे. उन्होंने राज्य में होने वाले चुनाव को लेकर अपनी बात रखी. इसके अलावा राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा. इसके बाद एक्टर आयुष शर्मा ने अपनी फिल्म अंतिम और एक्टर कार्तिक आर्यन ने धमाका के बारे में जानकारी दी. फिर महबूबा मुफ्ती से लेकर अश्विनी वैष्णव तक कई दिग्गजों ने अपने विचार रखे.
एजेंडा आजतक पर आज 15 दिग्गजों ने अपने विचार रखे. राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत तक, कई हस्तियों ने बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी. दिन की शुरुआत पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से हुई. चन्नी के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला. इसके बाद वीर सावरकर पर बहस हुई और कई इतिहासकारों ने अपने विचार रखे. राजनीति मंथऩ के बाद मनोरंजन जगत से अंतिम के आयुष शर्मा ने दस्तक दी. फिल्म पर तो बात की ही, सलमान खान संग रिश्तों पर भी रोशनी डाली. आयुष के बाद एजेंडा आजतक पर कार्तिक आर्यन का भी धमाका देखने को मिला जिन्होंने ना सिर्फ अपनी फिल्म पर बात की, बल्कि खूब मौज-मस्ती भी करते दिख गए. बाद में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने दस्तक दी और उनकी अयोध्या वाली किताब पर बहस हुई. मुख्तार अब्बास नकवी ने भी उनकी हर सफाई पर सवाल उठाए और तीखा प्रहार किया.
इस तीखी बहस के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी अपने विचार रखे. न्याय को लेकर सरकार की योजनाएं बताईं और जजों की नियुक्ति पर भी सफाई पेश की. इसके बाद पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा और फिर उन्हीं के आरोपों क जवाब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए. इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे का भविष्य बताया और बुलेट ट्रेन पर भी बात की. इन राजनीतिक चर्चाओं के बीच सारा अली खान ने भी अपनी फिल्म अतरंगी रे को प्रमोट किया. सबसे आखिर में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चुनावी मौसम में अपनी पार्टी की रणनीति बताई और विपक्ष पर भी निशाना साधा.
यूपी चुनाव को लेकर बीजेपी अध्यक्ष ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि आगामी चुनाव में बीजेपी की 300 से ज्यादा सीटें आने वाली हैं. उन्होंने सीएम योगी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए कहा है कि ये जीत एकतरफा होने वाली है और पूरे विपक्ष का सूपड़ा साफ हो जाएगा.
यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी की सक्रियता पर जेपी नड्डा ने तंज कसा है. उनके मुताबिक चुनाव में आने का सभी को अधिकार है. अच्छी बात है कि प्रियंका गांधी भी प्रचार कर रही हैं. लेकिन उनके मुताबिक लिखे हुए भाषणों से राजनीति नहीं की जा सकती. जोर देकर कहा गया है कि प्रियंका रीडर हैं,लीडर नहीं.
किसान आंदोलन पर जेपी नड्डा ने कहा है कि उनकी सरकार समझाने में पूरी तरह सक्षम है. लेकिन उन्हें ये ही नहीं पता किसान क्या समझना चाहते हैं. कई बार उनसे पूछा गया था कि कौन से क्लॉज में उन्हें दिक्कत है, उन्हें क्या समझ नहीं आ रहा है. लेकिन किसान सिर्फ कानून वापसी पर अटक गए थे.
किसान आंदोलन पर बीजेपी अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि इसका चुनाव पर कोई असर नहीं होने वाला है. उनके मुताबिक ये कोई पूरे भारत का आंदोलन नहीं था. सिर्फ एक वर्ग प्रदर्शन कर रहा था. बीजेपी अध्यक्ष ने ये भी कहा है कि किसानों की मांग पर मंथन किया जाएगा. कमेटी बनी हुई है, वहां पर बातचीत की जाएगी.
जिन्ना विवाद पर जेपी नड्डा ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि ऐसी बयानबाजी सपा प्रमुख की मानसिकता दिखता है. उनके मुताबिक बीजेपी के लिए अखिलेश यादव कोई चैलेंज नहीं हैं. लेकिन उनकी मानसिकता जरूर चैलेंज है. वो मानसिकता का ही हम विरोध करते हैं और इसे चुनाव में चैलेंज भी करेंगे.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि कोरोना काल में सिर्फ बीजेपी के कार्यकर्ता ही जमीन पर दिखे. पूरा विपक्ष गायब हो गया था और लोगों की मदद करने के लिए भाजपा के लाखों कार्यकर्ता आगे आए थे. हर तरह की मदद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मुश्किल समय में की थी.
एक्ट्रेस सारा अली खान की फिल्म अतरंगी रे रिलीज होने जा रही है. फिल्म में सारा अली खान, अक्षय कुमार और धनुष संग काम कर रही हैं. सारा मानती हैं कि दोनों अक्षय और धनुष बड़े स्टार हैं. एक अगर साउथ का थलाइवी है तो दूसरा दक्षिण का थलाइवी है. उनके मुताबिक धनुष संग उन्होंने काफी मजा किया, वहीं अक्षय की डेडिकेशन ने उन्हें इंप्रेस किया.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि रेलवे को बेचने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि ऐसा सवाल पूछना ही गलत है क्योंकि ये कभी नहीं होगा. उन्होंने सभी को गारंटी देते हुए कह दिया है कि निजीकरण का मतलब ये नहीं कि रेलवे को बेच दिया जाएगा.
मोदी सरकार के महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विस्तार से बात की है. उनके मुताबिक काम तेजी से हो रहा है लेकिन अभी तक महाराष्ट्र में जमीन अधिकरण को लेकर दिक्कत है. वहीं जापानी कंपनियों की कार्यशैली की वजह से भी देरी हो रही है. वे सबकुछ रेडी चाहते हैं, उसके बाद ही कुछ काम शुरू किया जाएगा. उम्मीद जताई गई है कि 2026 तक लोग बुलेट ट्रेन से ट्रैवल कर पाएंगे.
बॉलीवुड में कैंसिल कल्चर काफी चलता है. कभी कोई एक्टर विवादों में आ जाए तो प्रोजेक्ट हाथ से चले जाते हैं. अब इस कल्चर पर रवीना टंडन ने कहा है कि उन्हें इस इंडस्ट्री में तीस साल हो गए हैं. आज तक कोई उन्हें काम करने से नहीं रोक पाया है. वे यहां तक कह गई हैं कि आगे भी उन्हें कोई काम करने से नहीं रोक सकता. वे मानती हैं कि बोलने का हक सभी को है और किसी के काम को ऐसे ही नहीं छीना जा सकता.
एक्टर आशुतोष राणा ने अभिव्यक्ति की आजादी पर बड़ा बयान दे दिया है. उनके मुताबिक बोलना तो इंसान दो साल की उम्र में ही सीख जाता है, लेकिन ये समझने में पूरी जिंदगी बीत जाती है कि क्या बोलना चाहिए, कितना बोलना चाहिए, कब बोलना चाहिए.
जब ओम बिरला से सवाल पूछा गया कि क्या सदन में राहुल गांधी को बोलने का पूरा मौका नहीं दिया जाता, इस पर लोकसभा स्पीकर ने दो टूक जवाब दे दिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि कांग्रेस नेता को हर बार बोलने का पूरा मौका दिया गया है. उनके मुताबिक कई बार लिस्ट में उनका नाम नहीं होता, लेकिन फिर भी बात रखने का अवसर दिया जाता है. विपक्ष के नेता खुद बोलते हैं कि बोलने का पूरा मौका दिया जाता है. हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर घंटों मंथन होता है.
जब से राज्यसभा से 12 सासंदों को निलंबित किया गया है, ये विवाद बढ़ता जा रहा है और विपक्ष लगातार अपना विरोध कर रहा है. अब जब ये सवाल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से पूछा गया तो उन्होंने इस पर जवाब देने से इनकार कर दिया. उनके मुताबिक कुछ नियम होते हैं और वे उन्हें नहीं तोड़ सकते. दूसरे सदन में क्या हो रहा है, क्या किया जा रहा है, इसकी चर्चा कभी भी लोकसभा में नहीं की जा सकती.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बनने जा रहे नए संसद भवन को काफी अहम माना है. उनके मुताबिक अगले 100 साल को ध्यान में रखते हुए इसका निर्माण हो रहा है जहां पर हर नए सदस्य के लिए बैठने का भी इंतजाम रहेगा और सभी खुलकर अपने विचार रखेंगे. उनके मुताबिक भारत का नया संसद भवन आजादी का भी प्रतीक होने वाला है. वो संसद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की ताकत दिखाएगा.
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में जो किलिंग होती हैं, वो गलत है. उसकी कड़े शब्दों में निंदा होनी चाहिए. हर हमले का मुंहतोड़ जवाब भी दिया जाएगा. लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया एक ऐसा इकोसिस्टम भी सक्रिय है जो ऐसी किलिंग को बढ़ावा देना चाहिए. जो ऐसा काम कर रहे हैं, वो ज्यादा बड़े दोषी हैं, उनसे ज्यादा खतरा है.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने साफ कर दिया है कि नए भारत में सिर्फ उन्हीं लोगों से बात की जाएगी जिनकी आस्था भारत के तिरंगे में रहेगी. जोर देकर कहा गया कि सॉफ्ट सेपरेटिज्म का जमाना लद चुका है. उनके मुताबिक जो भारत के हक की, कश्मीर के हक की बात करेगा, उनके सुझाव माने जाएंगे. उन्होंने ये भी कहा कि हमारी सरकार कश्मीरी पंडितों के लिए काफी काम कर रही है. अगले तीन महीने में सभी को जमीन पर उसर दिखने लगेगा.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि पिछले दो सालों में घाटी का काफी विकास किया गया है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के जरिए सड़कों का जाल बिछाया गया है. अब यहां पर निवेश होता है. लेकिन जिनका चश्मा कमजोर है, उन्हें विकास दिखाई नहीं देता है. लेकिन हम लोग सिर्फ आम कश्मीरी के लिए काम करते हैं. विकास वहीं सही है जो अंजाम तक पहुंचता है.
पीडीप प्रमुख ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि वर्तमान सरकार ने घाटी के लोगों का भरोसा तोड़ा है. उनकी माने तो 370 हटने के बाद भी कश्मीर में कुछ नहीं बदला है. उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर कश्मीर आज भारत का हिस्सा है, तो उसमें बड़ा हाथ जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी जैसे बड़े नेताओं का है. उन्होंने उस समय के और भी कई कांग्रेस नेताओं को इसका श्रेय दिया है. वे मानती हैं कि अगर आज के नेता तब होते तो शायद कश्मीर, पाकिस्तान में होता.
महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि ये सरकार गोडसे वाला कश्मीर बनाना चाहती है. ये हमारा गांधी वाला हिंदुस्तान नहीं है. लेकिन आज की सरकार ने अपनी राजनीति के लिए कश्मीर को कुर्बान कर दिया. मुफ्ती की माने तो पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के समय जरूर कश्मीर समस्या पर काम हुआ था. पाकिस्तान से बात हुई थी, हुर्रियत के साथ मंथन हुआ था, सीज फायर लागू किया गया था. लेकिन अब कश्मीर की कोई नहीं सुनता.
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि वर्तमान सरकार ने कश्मीर के लिए कुछ नहीं किया. देश की एक मुस्लिम मेजोरिटी स्टेट थी, लेकिन अब उसे भी नहीं बचाया गया. मुफ्ती के मुताबिक ये सरकार गोडसे वाला कश्मीर बनाना चाहती है. ये गांधी का हिंदुस्तान नहीं है. ये नया जरूर है लेकिन आदर्शों वाला नहीं है.
जवानों के साथ दिवाली मनाने के सवाल पर किरन रिजिजू ने कहा, मैं उन लोगों के साथ दिवाली मनाता हूं, जो अपने परिवार से साथ कभी दिवाली नहीं मनाते. रिजिजू ने कहा, ऐसा मै सिर्फ अपनी देश के प्रति सेवा के लिए करता हूं. हालांकि, मेरे बच्चे हमेशा कहते हैं कि पापा आप हमारे साथ दिवाली क्यों नहीं मनाते.
रिजिजू ने कहा, लोगों की समस्याओं का हल निकालना ही हमारी प्राथमिकता है. जब मुझसे कोई जज, वकील या आम आदमी मिलना चाहता है, तो बहुत ओपन माइंड से उनसे मिलता हूं. ताकि लोगों की बात सुनकर सरल तरीके से उनका हल निकाल सकूं. जहां भी मैंने काम किया, जहां मंत्रालय में रहा, मैं इसी तरह से काम करता हूं.
कानून के रखवाले सेशन में अपनी बात रखते हुए केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने कहा, मैं चीफ जस्टिस से जब पहली बार मिला यही कहा कि हम मिलकर काम करेंगे. हम देश के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं, इस पर चर्चा की. चुनौतियों की एक जगह नहीं है. सबका नजरिया अलग है. मेरे हिसाब से करीब 4 करोड़ 30 लाख पेंडिंग केस, मेरी लिए ये सबसे बड़ी चुनौती. मैंने पहले दिन ही यह स्पष्ट तरीके से कहा. हमारा मकसद है, न्याय देना. |
सलमान खुर्शीद ने कहा, संविधान सभी धर्मों को एक मानता है. अयोध्या के फैसले से पहले हम सबने कहा था कि इसे स्वीकार करेंगे. मेरी किताब कहती है कि अयोध्या के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समझे के ये फैसला सही है. मैं याद दिला दूं कि यह फैसला सिर्फ मंदिर पर नहीं था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एक मंदिर बनेगा और एक मस्जिद बनेगी. मेरा घर किसने जलाया, कोई इसका जवाब दे दे. क्या ये लोग बोको हरम से आए थे. आईएसआईएस के थे. या फिर हिंदुत्व वाले थे. कोई जवाब दे दे.
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, हिंदुत्व हिंदुस्तान की आत्मा है और इसी संस्कृति और संस्कार का नतीजा है कि जब हिंदुस्तान बंटा तो एक भारत बना और एक पाकिस्तान. हिंदुस्तान की संसद में वसुधैव कुटुम्बकम लिखा है. भारत की संस्कृति का ही नतीजा है कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश बना. लेकिन पाकिस्तान धार्मिक कट्टरपंथ बना. जिस समय पाकिस्तान बना, वहां 26% अल्पसंख्यक थे, आज 2% बजे हैं. भारत में 8% अल्पसंख्यक थे. आज ये बढ़कर 28% तक पहुंच गया है. यानी भारत की संस्कृति की वजह से किसी भी अल्पसंख्यक वर्ग को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
उन्होंने कहा, अयोध्या पर फैसला आया. सभी ने स्वीकार किया. किसी ने खुशी नहीं मनाई और किसी ने दुख नहीं जताया. इसलिए मुझे ऐसा लगता है कि अगर अयोध्या को लेकर इस तरह की बात फैलाई जा रही है, तो यह सब साजिश के तहत किया जा रहा है.
धर्मयुद्ध सेशन में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, आग लगी है, उसे बुझाना है. इसलिए ये किताब लिखी. अगर हिंदू धर्म के लोगों को नहीं पता कि सूर्य का उदय क्या होता है, तो दुख की बात है. मैंने एक उदय की बात की. मैंने सूर्यास्त की बात नहीं. किताब को पढ़िए तो बात समझ आ जाएगी. खुर्शीद ने कहा, हिंदुत्व के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह जीने का तरीका है. उन्होंने कहा, धर्म में परिवर्तन नहीं हो सकता. लेकिन जीने के तरीकों में परिवर्तन हो सकता है. पहले भी हुए हैं. इसलिए मैंने कहा, कुछ लोग हिंदुत्व में परिवर्तन कर रहे हैं. ये अच्छी बात नहीं है. इसलिए मैंने सामान कहा. उन जैसा, किस बात पर मिलता है कि धर्म का दुरुपयोग उन्होंने भी किया, इन्होंने भी किया है. ये कहना मेरा कर्तव्य है.
कार्तिक आर्यन की हाल ही में फिल्म धमाका रिलीज हुई थी. इसके बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि धमाका फिल्म लॉकडाउन के समय बनी थी. इसे 9-10 दिन में पूरा किया गया था. लोगों को समझ नहीं आता कि इतनी जल्दी इसे कैसे शूट कर लिया गया. कार्तिक आर्यन ने बताया कि वे सिंगल हैं. उनकी लेम्बोर्गिनी में सबसे पहले उनकी मां बैठी थीं. कार्तिक आर्यन ने बताया कि उनके बैंक बैलेंस के बारे में उनकी मां को पता है
आयुष शर्मा ने बताया कि उन्हें पहली बार एक विज्ञापन के लिए 15 हजार रुपए मिले थे. इसमें भी 3000 रुपए काट लिए गए थे. जब उन्होंने इस बारे में अपने पिता को बताया कि उन्हें इतने पैसे मिले हैं. तो आयुष शर्मा के पिता ने कहा, सिद्धिविनायक मंदिर में दान कर दो.
आयुष ने बताया कि सलीम खान ने एक फिल्म में लिखा था, मैं फेंके हुए पैसे नहीं उठाता. ऐसे ही उन्होंने मुझसे कहा था कि तुम भले ही राजनीति से जुड़े पार्टी से हो. लेकिन जब तुम खुद कमाओगे तो उसका मजा ही अलग होगा. उन्होंने बताया था कि भले ही मैंने वो डायलॉग फिल्म में लिखा, लेकिन वह रियल था. तुम कभी किसी के पैसे मत उठाना. ये बात मेरे लिए काफी अहम रही.
एजेंडा आजतक में अभिनेता आयुष शर्मा पहुंचे. उन्होंने अपनी फिल्म अंतिम के बारे में बात की. इसके अलावा उन्होंने बताया कि कैसे अर्पिता को लेकर उन्होंने सलमान खान से बात की थी. आयुष शर्मा ने कहा, वे मुंबई में पढ़ाई करने आए थे. लेकिन साथ ही उन्होंने एक्टर बनने का फैसला किया. उसी दौरान उनकी मुलाकात अर्पिता से हुई. अर्पिता से दोस्ती हो गई. बाद में जब वे सलमान खान से जब मिलने गए थे, तो वे बड़ी आसानी से मान गए. आयुष ने कहा, मैं सलमान खान से मिलने गया, उन्हें बताया कि मेरा नाम आयुष है. इसके बाद हमारी कुछ बातें हुईं. उन्होंने मुझसे कुछ सवाल पूछे, मैंने सीधे सीधे उत्तर दिया. उन्हें ये बात काफी अच्छी लगी.
तेजस्वी यादव ने कहा, सरकार का मन बढ़ा हुआ है. अगर विपक्ष और मीडिया कमजोर होती है, तो लोकतंत्र के लिए ये अच्छा नहीं है. सीएम नीतीश कुमार को ए, बी, सी, डी, क, ख, ग, घ की भी जानकारी नहीं रहती. उन्हें कुछ पता नहीं रहता. कुछ भी पूछ लो, नीति आयोग की रिपोर्ट देखी, नहीं. कुछ भी पूछो पता नहीं. देखा नहीं.
तेजस्वी यादव ने कहा, जो लोग रोजगार मांगते हैं, उनपर लाठी चलाते हैं. जो किसानों की बात करते हैं, उनपर लाठी चलाते हैं. जो महंगाई की बात करते हैं, उन पर लाठी चलाते हैं. लोग अधिकार की बात सीएम, पीएम से ही मांगेंगे. लेकिन आज एक नया ट्रेंड चल रहा है कि सिर्फ विपक्ष से सवाल किया जाता है. सरकार से कोई कुछ नहीं पूछना चाहता. हर चीज का ठीकरा विपक्ष पर फोड़ दिया जाता है.
बिहार में कितनी बहार सेशन में बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, बिहार विधानसभा में हमारी हार में भी जीत थी. क्योंकि हम जनता के बीच असली मुद्दे लेकर गए थे. इसे जनता ने स्वीकार किया. लेकिन मैं हमेशा ये कहता हूं कि ये सरकार पिछले दरवाजे की सरकार है. हमारे गठबंधन को एनडीए गठबंधन से सिर्फ 12000 कम वोट मिले. जनता ने कुछ ओर नतीजे दिए थे और चुनाव आयोग ने कुछ और नतीजे दिखाए. तेजस्वी यादव ने कहा, बिहार में बहार नहीं, बिहार बर्बाद है. क्योंकि बिहार में नीतीश कुमार हैं.
विक्रम सम्पत ने कहा, हिंदुत्व की परिकल्पना 1923 में रत्नागिरी की जेल में रह कर की. उस वक्त 'खिलाफत' आंदोलन चला. पूरे देश में सांप्रदायिक दंगे हो रहे थे. इसके काउंटर के लिए उन्होंने हिंदुत्व क्या है, के बारे में लिखा. बाद में हिंदू महासभा के अध्यक्ष बने. उन्होंने हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना की. कौन हिंदू है. ये धर्म से जुड़ा नहीं है, यह सांस्कृतिक और राष्ट्र से जुड़ा हुआ. जो अपने देश में विश्वास रखता, न की टर्की में. हिंदू राष्ट्र में सब कुछ एक समान होंगे. कानून के दायरे में सब एक जैसे हैं. कोई बहुसंख्यक, अल्पसंख्यक नहीं होगा. किसी को कोई विशेष अधिकार नहीं मिलेंगे. धर्मनिरपेक्षता को राष्ट्र, राजनीति से कैसे अलग रखा जा सकता है. इसके बारे में उन्होंने लिखा. सावरकर आरएसएस के हिस्सा नहीं थे. उनके रिश्ते ऊपर नीचे होते रहते. गोवलकर के संघ प्रमुख रहने पर दोनों के रिश्ते भी अच्छे नहीं रहे.
चमन लाल ने कहा, मुस्लिमों और ईसाइयों के लिए उनके हिंदुत्व में कोई जगह नहीं थी. सावरकर और महात्मा गांधी के रिश्ते भी अच्छे नहीं रहे.
इतिहासकार विक्रम संपत ने कहा, सावरकर 1911 में पहली बार अंडमान के जेल में गए थे. वहां कैदियों के मानवाधिकारों का हनन होता था. वहां उनके साथ बर्बर व्यवहार किया गया. साल में एक बार पत्र लिखने की छूट थी. डेढ़ साल में एक बार परिवार के लोगों से मिल सकते थे. वे अच्छे वकील थे. वे लिखते थे कि हमारी स्थिति स्पष्ट कीजिए कि हम क्यों जेल में बंद हैं. अगर हम भारतीय जेल में हैं, तो हमें और राहत मिल सकती है. तो सभी कैदियों की स्थिति स्पष्ट करें. मेरे नाम के जुड़ने से और कैदी रिहा नहीं हो रहे, तो मुझे रहने दीजिए बाकियों को रिहा कर दीजिए, इससे मुझसे खुशी होगी.
रंजीत सावरकर ने कहा, वे ऐसे राष्ट्रभक्त थे, जो सिर्फ यही सोचते थे कि अगर ये देश के लिए सही है, तो मुझे करना है और गलत है तो नहीं करना है. उनका विचार था, कोई भी विचार स्थल काल और परिस्थिति के हिसाब से बदलता है. जो आज के समय में उपयुक्त है, वो मुझे करना है. विक्रम संपत ने कहा, सावरकर प्रखर राष्ट्रभक्त थे. एक क्रांतिकारी, समाजसुधारक देश के लिए कुछ भी कर गुजरने वाले वीर थे. वहीं, चमन लाल ने कहा, विनायक दामोदर सावरकर हिंदुस्तान की आजादी की तीन धाराओं में से एक का प्रतिनिधित्व करते थे. जो धर्म आधारित विचारधारा थी.
आजतक एजेंडा में 'सावरकर के नाम पर' सेशन शुरू हो गया. इसमें रंजीत सावरकर, विक्रम संपत और चमन लाल अपनी बात रख रहे हैं.
भारत और पाकिस्तान कभी एक थे. भारत और पाकिस्तान के लोगों में प्यार है. कई लोगों की राजनीति हैं. लेकिन राजनीति के चलते आज ऐसी स्थिति है कि दोनों देशों एक दूसरे के बारे में बुरा सोचते हैं. हमारी संस्कृति में नफरत नहीं है. पड़ोसी से अच्छे रिश्ते रखना हमारी परंपरा रही. हमे सिखाया जाता है, कि हम सबके साथ प्यार रखें. लेकिन जब हमें कोई दबाएगा, तो हम सक्षम हैं उसे जवाब देने के लिए.
सीएम चन्नी ने कहा, नवजोत सिंह सिद्धू हमारे अध्यक्ष हैं. अध्यक्ष को पार्टी की लाइन पर काम करना होता है. जब पार्टी अध्यक्ष कुछ कहते हैं, तो हम उस लाइन पर काम करते हैं. जब कुछ रह जाता है, तो वे फिर कहते हैं, हम फिर करने में जुट जाते हैं. ये आलोचना काफी जरूरी है. कोई भी लोग राजनीति में आया है, उसकी सोच होती है, आगे बढ़ने की. सीएम से लेकर पीएम बनने की. अगर आपमे सोच नहीं है, तो काम नहीं कर पाएंगे. अगर नवजोत सिंह सिद्धू की सीएम बनने की सोच है, तो उसमें क्या बुरा है. चुनाव में जनता, पार्टी आलाकमान और विधायक तय करेंगे कि कौन सीएम बनेगा.
चन्नी से जब पूछा गया कि वे आने वाले चुनाव में भी पंजाब के कप्तान हैं. तो इस सवाल पर उन्होंने कहा, ये टीम वर्क है. मैं कप्तान नहीं हूं. सिर्फ प्लेयर हूं. चुनाव में हम सबको मेहनत करनी है.
पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी एजेंडा आजतक के दूसरे दिन मंच पर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे जब उन्हें पता चला कि वे पंजाब के सीएम बनने वाले हैं, तो रोने लगे थे. चरणजीत सिंह ने कहा, राहुल गांधी का फोन आया था. उन्होंने कहा, आप सीएम बनने वाले हैं. तो मैंने कहा, ये क्या कर रहे हो, किसी और को सीएम बना दो, मैं इसके काबिल नहीं हूं और मैं ये कहकर रोने लगा था.
आजतक के महामंच 'एजेंडा आजतक' पर शुक्रवार को पहले दिन राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक की कई दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की. इस दौरान दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगामी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति पर चर्चा की तो वहीं छत्तीसगढ़ के सीएम ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. इसके अलावा किसान नेता राकेश टिकैत और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अलग अलग सेशन के दौरान मंच पर कृषि कानून वापसी बात चर्चा की.