
हवाई उड़ान के इतिहास में एअर इंडिया की महिला पायलट इतिहास रचने जा रही हैं. बेंगलुरु और अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को (एसएफओ) शहर के बीच पहली नॉन स्टॉप हवाई सेवा की शुरुआत शनिवार को महिला पायलटों की एक टीम करेगी. सैन फ्रांसिस्को से स्थानीय समयानुसार 9 जनवरी की रात 8.30 बजे यह उड़ान भरेगी. सैन फ्रांसिस्को भारत से 13.50 घंटे पीछे है.
दो टेक हब मिलेंगे
एअर इंडिया संयुक्त राज्य अमेरिका में बेंगलुरु और सैन फ्रांसिस्को के बीच अपनी पहली नॉन स्टॉप सर्विस की शुरुआत के साथ अपने पंखों को और फैलाने के लिए तैयार है. दुनिया के दो टेक हब मूल सिलिकॉन वैली और भारत की सिलिकॉन वैली (बेंगलुरु) हवाई मार्ग से जुड़ने जा रहे हैं.
सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु के लिए नॉन स्टॉप उड़ान AI 176 शनिवार और मंगलवार को संचालित होगी. पहली उड़ान आज सैन फ्रांसिस्को से रात 8.30 बजे (स्थानीय समयानुसार) से शुरू होगी और 11 जनवरी को भारतीय समयानुसार तड़के सुबह 3.45 बजे बेंगलुरु लैंड करेगी.
यह विमान बोइंग 777-200LR VT ALG के साथ संचालित होगी जिसमें 238 सीटों की क्षमता होगी, इनमें 8 फर्स्ट क्लास, 35 बिजनेस क्लास, 195 इकोनॉमी क्लास के कॉन्फिगरेशन के अलावा 4 कॉकपिट और 12 केबिन क्रू सीट की क्षमता होगी. उड़ान का संचालन पूरी तरह से महिला टीम द्वारा किया जाएगा. कैप्टन जोया अग्रवाल (P1) की अगुवाई में कैप्टन थनमाई पपागरी (P1), कैप्टन आकांशा सोनवरे (P2) और कैप्टन शिवानी मन्हास (P2) महिला टीम में शामिल हैं.
14 हजार किमी की दूरी
कैप्टन जोया अग्रवाल एक अनुभवी और कुशल पायलट हैं, जिनके पास 8,000 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है और 10 से अधिक साल से बोइंग-777 विमान में 2,500 से अधिक घंटे की उड़ान और कमांड का अनुभव है. बेंगलुरु और सैन फ्रांसिस्को के बीच की दूरी 13,993 किलोमीटर है.
इस हवाई रूट से कई फायदे
इस हवाई रूट पर कुल उड़ान का समय उस विशेष दिन की हवा की गति के आधार पर 17 घंटे से अधिक का होगा. इस विमान के लिए यह रूट सबसे सुरक्षित, सबसे तेज और सबसे किफायती होगा. यह करीब पूरी दुनिया की उड़ान होगी और हवा की गति तथा अन्य लॉजिस्टिक मापदंडों के आधार पर, ध्रुवीय मार्ग को हवाई रूट के रूप में चुना जा सकता है, जिससे उड़ान के समय, ईंधन की खपत और कार्बन फुटप्रिंट पर अंकुश लगाया जा सकेगा.
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इस रूट से यात्रियों को भी सहुलियत होगी क्योंकि उड़ान में कम समय लगेगा. ईंधन की कम खपत होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान कम होगा. यही नहीं यात्रियों और एअर इंडिया के लिए यह रूट आर्थिक रूप से लाभकारी भी होगा.
यह एअर इंडिया या भारत में किसी अन्य एयरलाइन द्वारा संचालित होने वाली दुनिया की सबसे लंबी वाणिज्यिक उड़ान होगी. एअर इंडिया इस उड़ान के लिए पूरी तरह से महिला चालक दल को शामिल कर रही है. दुनिया में किसी एक एयरलाइन की तुलना में एअर इंडिया में महिला कर्मचारियों का अनुपात सबसे अधिक है. एअर इंडिया की कार्यकारी निदेशक (उड़ान सुरक्षा) कैप्टन निवेदिता भसीन भी इस विमान में यात्रा कर रही हैं.
यह संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिम तट और दक्षिण भारत के बीच पहला नॉन स्टॉप मार्ग होगा. वर्तमान में, एअर इंडिया दिल्ली से न्यूयॉर्क, नेवार्क, वॉशिंगटन डीसी, सैन फ्रांसिस्को और शिकागो तथा मुंबई से नेवार्क और न्यूयॉर्क के लिए नॉन-स्टॉप उड़ानें संचालित करती है. एअर इंडिया की योजना 15 जनवरी 2021 से हैदराबाद और शिकागो के बीच अपनी पहली नॉन स्टॉप सेवा शुरू करने की भी है.