Maharashtra Vidhan Sabha Chunav: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग में अब कुछ ही दिन बचे हैं. इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के 'बंटेंगे तो कटेंगे' वाले बयान पर सियासी पारा भी बढ़ता जा रहा है. महायुति के नेता भी सीएम योगी के इस नारे से दूरी बना रहे हैं. डिप्टी सीएम अजित पवार ने एक बार फिर कहा कि वो 'बंटेंगे तो कटेंगे' वाले नारे का समर्थन नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि इसकी बजाय वो पीएम मोदी के 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे का समर्थन करते हैं.
उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी इस पर (बंटेंगे तो कटेंगे) पर असहमति जताई थी. बीजेपी नेताओं ने भी इसका विरोध किया है. 'सबका साथ, सबका विकास' का मतलब है कि सबके साथ, सबका विकास हो. 'एक हैं तो सेफ हैं' के नारे को मैं इसी नजरिये से देखता हूं.
न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में अजित पवार ने कहा, एक राज्य के मुख्यमंत्री यहां आते हैं और 'बंटेंगे तो कटेंगे' का नारा देते हैं. हमने तुरंत उन्होंने बोला था कि ये उत्तर प्रदेश नहीं है, नॉर्थ में ये सब चलता होगा, यहां नहीं चलता. महाराष्ट्र आंबेडकर के सिद्धांतों पर चलता है.
इससे पहले महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा था कि इस नारे में कुछ भी गलत नहीं हैं. उन्होंने कहा था, इस नारे में कुछ भी गलत नहीं है. जब इतिहास देखेंगे तो पता चलता है कि जब-जब बंटे हैं, तब गुलाम बने हैं. जब भी ये देश जातियों, राज्यों और समुदायों में बंटा है, गुलाम बना है.
फडणवीस के बयान पर जब अजित पवार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा लेकिन मुझे 'कटेंगे, बंटेंगे' पसंद नहीं है.
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोटिंग होनी है. नतीजे 23 नवंबर को आएंगे. अजित पवार की एनसीपी महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं. अजित पवार का कहना है कि हमारा इरादा महायुति के लिए ज्यादा से ज्यादा वोट हासिल करना है और हम उसी के अनुसार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारा एक ही लक्ष्य है कि महाराष्ट्र में महायुति की सरकार वापस आए.