यह एक क्लासिक तेलुगु फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा दृश्य था. गुरुवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की बैठक में टॉलीवुड के दिग्गजों के चेहरे पर राहत की मुस्कान देखने को मिली. इस बैठक ने तीन हफ्तों से चल रहे विवाद पर कुछ हद तक पर्दा डाल दिया, जो 'पुष्पा 2' की दुखद घटना से शुरू हुआ था.
बैठक में सीएम रेवंत रेड्डी ने क्रिसमस के मौके पर सांता क्लॉज की तरह फिल्म इंडस्ट्री को कई वादे किए. उन्होंने हैदराबाद को एक अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन केंद्र बनाने का आश्वासन दिया. साथ ही इंडस्ट्री के मुद्दों पर चर्चा के लिए एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाने की बात कही. सीएम ने स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी को बढ़ावा देने और नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में फिल्म इंडस्ट्री से सहयोग मांगा. साथ ही कांग्रेस सरकारों द्वारा फिल्म इंडस्ट्री को दिए गए लाभों की भी याद दिलाई.
यह भी पढ़ें: अल्लू अर्जुन और 'पुष्पा' के मेकर्स का बड़ा ऐलान, भगदड़ के पीड़ित परिवार को देंगे 2 करोड़ रुपये
तेलंगाना विधानसभा में अल्लू अर्जुन से मिलने पर आलोचना झेलने के बाद इंडस्ट्री के वरिष्ठ लोग इस बैठक के नतीजे से खुश नजर आए. साथ ही इसे सही दिशा में उठाया गया कदम भी बताया.
लेकिन क्या यह कहना सही होगा कि कहानी यहीं खत्म हो गई? या 'पिक्चर अभी बाकी है'? साफ है कि फिल्म इंडस्ट्री को यह संदेश दे दिया गया है कि असली 'फायर' कौन है.
बैठक के लिए चुना गया स्थान भी अपने आप में काफी खास था. आमतौर पर ऐसी बैठकें सचिवालय या सीएम के निवास स्थान पर होती हैं. लेकिन यह बैठक तेलंगाना पुलिस के 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' में हुई. यह वही पुलिस है, जिसने अल्लू अर्जुन के 'पुष्पा 2' के स्पेशल शो के दौरान हुई मौत और लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद कार्रवाई की थी.
यह भी पढ़ें: अल्लू अर्जुन से तीन घंटे पूछताछ, अब आगे क्या? जानें- एक्टर से पूछे गए क्या सवाल
बैठक में दो खास लोग भी शामिल थे, जो हाल ही में सरकार के साथ टकराव की वजह से सुर्खियों में थे. इनमें अल्लू अर्जुन के पिता और वरिष्ठ प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद और सुपरस्टार नागार्जुन शामिल थे. नागार्जुन के 'एन-कन्वेंशन हॉल' को अगस्त में जलाशय पर कब्जा करने के आरोप में गिरा दिया गया था. साथ ही नागार्जुन ने तेलंगाना के एंडोमेंट्स मंत्री कोंडा सुरेखा के खिलाफ मानहानि का केस किया था.
बैठक में नागार्जुन ने मुख्यमंत्री का सम्मान किया, जो यह दिखाता है कि सार्वजनिक रूप से सुलह का पहला कदम उठाया गया है. वहीं, अल्लू अरविंद ने भी सीएम के हैदराबाद को लेकर सपनों का समर्थन किया. बैठक के बाद, फिल्म इंडस्ट्री को यह एहसास हुआ कि राजनीतिक विवादों में फंसना जोखिम भरा हो सकता है. केटी रामा राव के अल्लू अर्जुन का समर्थन करने वाले ट्वीट पर इंडस्ट्री को तटस्थ रहना चाहिए था.
यह भी पढ़ें: 'मुझे महिला की मौत के बारे में अगले दिन पता चला...', पुलिस पूछताछ में बोले अल्लू अर्जुन
बैठक में सीएम ने साफ कर दिया कि कानून की नजर में कोई सेलिब्रिटी नहीं होता. इंडस्ट्री को भी कानून के नियमों का पालन करना होगा. अब सवाल यह है कि अल्लू अर्जुन के केस का क्या होगा?
48 घंटे पहले तक पुलिस हाई कोर्ट में अर्जुन की जमानत रद्द करने की तैयारी कर रही थी. लेकिन अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार अदालत में क्या रुख अपनाती है. यह तय करेगा कि 'पुष्पा' की असली कहानी का अगला भाग क्या होगा.