लद्दाख सीमा पर जारी विवाद को लेकर अमेरिका द्वारा की गई टिप्पणी पर अब चीन आगबबूला हो गया है. चीन की ओर से बयान दिया गया है कि भारत-चीन के मामले में कोई तीसरा पक्ष दखल ना दे.
बुधवार को भारत में चीन के एंबेसडर सुन वीदोंग ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, ‘अमेरिका की ओर से चीन को लेकर दिए गए बयान को हमने देखा. भारत और चीन के सीमा विवाद पर किसी तीसरे पक्ष की ओर से दखल का हम घोर विरोध करते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका के दूसरे देशों से संबंध किसी चिन्हित देश को टारगेट ना करें.’
We have noticed recent remarks with reference to #China by the #US side. We firmly oppose any third party meddling in #China-#India border issue and hope the #US relations with others not target any specific country.
— Sun Weidong (@China_Amb_India) January 6, 2021
दरअसल, भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर की विदाई हो रही है. बीते दिन उन्होंने अपने विदाई भाषण में भारत और अमेरिका की दोस्ती का जिक्र किया. इसी दौरान उन्होंने लद्दाख के मसले पर बयान दिया.
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केनेथ जस्टर ने कहा कि बीते साल से अबतक के बीच भारत ने चीन के संभावित खतरे का सामना किया, इस पूरे वक्त में अमेरिका हमेशा ही भारत के साथ खड़ा रहा. हालांकि, भारत को अमेरिका का कितना सहयोग चाहिए था, ये उन्हीं पर निर्भर रहा.
अमेरिका के निवर्तमान राजदूत ने कहा कि अमेरिका उन देशों में शामिल है, जो भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और अन्य मसलों पर हमेशा साथ खड़ा रहता है. ऐसे में दोनों देशों का साथ दुनिया के लिए काफी अहम है.
गौरतलब है कि इससे पहले भी कई ऐसे मौके आए हैं, जहां चीन के साथ जारी विवाद के बीच अमेरिका ने खुलकर भारत का साथ दिया है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी भारत दौरे के दौरान चीन की आलोचना करके गए थे और भारत के सहयोग की बात कही थी.