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'खुद को 6 कोड़े मारूंगा, DMK को सत्ता से हटाने तक चप्पल नहीं पहनूंगा', बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई का ऐलान

अन्नामलाई ने पुलिस पर एफआईआर लीक करने का आरोप लगाया, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो गई. उन्होंने कहा कि एफआईआर को इस तरह लिखा गया है, जिससे पीड़िता को शर्मिंदगी उठानी पड़े. अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए अन्नामलाई ने चप्पल उतारकर यह ऐलान किया कि जब तक डीएमके सरकार सत्ता से बाहर नहीं होगी, तब तक वह चप्पल नहीं पहनेंगे.

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तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने यौन उत्पीड़न पीड़िता की पहचान उजागर करके डीएमके और राज्य पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो)
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने यौन उत्पीड़न पीड़िता की पहचान उजागर करके डीएमके और राज्य पुलिस पर जानबूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। (फाइल फोटो)

तमिलनाडु में डीएमके सरकार के खिलाफ बीजेपी प्रमुख अन्नामलाई ने अपना विरोध और तेज कर दिया है. कोयंबटूर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अन्नामलाई ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. यह प्रेस वार्ता अन्ना यूनिवर्सिटी में एक छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर बुलाई गई थी. अन्नामलाई ने डीएमके सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आरोपी ज्ञानसेकरन, जो एक आदतन अपराधी है, को पुलिस की "राउडी लिस्ट" में शामिल नहीं किया गया, क्योंकि उसका डीएमके नेताओं से संबंध है. उन्होंने कहा कि इन संबंधों के चलते यह भयावह घटना घटी.

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पुलिस पर लगाए ये आरोप
अन्नामलाई ने पुलिस पर एफआईआर लीक करने का आरोप लगाया, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो गई. उन्होंने कहा कि एफआईआर को इस तरह लिखा गया है, जिससे पीड़िता को शर्मिंदगी उठानी पड़े. अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए अन्नामलाई ने चप्पल उतारकर यह ऐलान किया कि जब तक डीएमके सरकार सत्ता से बाहर नहीं होगी, तब तक वह चप्पल नहीं पहनेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह कोयंबटूर स्थित अपने निवास के बाहर खुद को छह बार कोड़े मारेंगे और 48 दिनों का उपवास रखेंगे. इस दौरान वह भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों की यात्रा करेंगे.

DMK पर उत्तर-दक्षिण की राजनीति का आरोप
अन्नामलाई ने डीएमके पर "उत्तर-दक्षिण राजनीति" का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, "मैं ऐसी राजनीति पर थूकना चाहता हूं, जो लोगों की समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें बांटने का काम करती है." अन्नामलाई के इस बयान और विरोध के बाद राज्य की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है. अब देखना होगा कि डीएमके सरकार और पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं.

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क्या है मामला
बता दें कि चेन्नई स्थित अन्ना विश्वविद्यालय कैंपस में एक छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था. ये घटना 23 दिसंबर की बताई जा रही है. ये घटना उस वक्त हुई जब छात्रा अपने मेल (पुरुष) फ्रेंड के साथ थी. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक शख्स को भी गिरफ्तार किया है. चेन्नई पुलिस सूत्रों ने बताया कि अन्ना विश्वविद्यालय कैंपस में एक महिला छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न के संबंध में शिकायत मिली थी.

शिकायत के अनुसार, 23 दिसंबर को ये घटना जब हुई तब छात्रा अपने पुरुष मित्र के साथ थी. वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्ध ने कथित तौर पर छात्रा और उसके पुरुष दोस्त का वीडियो शूट कर लिया और उन्हें ब्लैकमेल किया. साथ ही संदिग्ध ने छात्रा के दोस्त के साथ मारपीट भी की गई थी.

के. अन्नामलाई ने डीएमके सरकार को घेरा
तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख के. अन्नामलाई ने अन्ना यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर डीएमके सरकार और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर तीखा हमला किया है.अन्नामलाई ने दावा किया है कि गिरफ्तार आरोपी ज्ञानसेकरन, जो इस घटना का मुख्य आरोपी है, पहले से ही 15 गंभीर मामलों में शामिल रहा है. इसके बावजूद, उसे पुलिस की निगरानी सूची में नहीं रखा गया. उन्होंने कहा कि ज्ञानसेकरन डीएमके के सैदापेट (पूर्व) क्षेत्र के छात्र संगठन का उपसंयोजक है और पार्टी नेताओं से उसकी करीबी रिश्तेदारी है. X पर पोस्ट लिखकर अन्नामलाई ने ये सवाल उठाए हैं. 

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X पर पोस्ट के जरिए उठाए सवाल
अन्नामलाई ने राज्य में अपराधियों को बचाने के लिए डीएमके की रणनीति को उजागर करते हुए कहा. अपराधी डीएमके का सदस्य बनकर पार्टी नेताओं के करीब पहुंचता है. उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को पुलिस द्वारा अनदेखा किया जाता है. डीएमके नेताओं और मंत्रियों के दबाव में पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती, जिससे अपराधियों को अपराध जारी रखने का प्रोत्साहन मिलता है. अन्नामलाई ने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके सरकार की विफलता के कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके के नेताओं के दबाव में पुलिस निष्क्रिय हो गई है, जिससे आम जनता को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.


अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से सवाल किया, 'क्या तमिलनाडु में कानून केवल आम नागरिकों के लिए है? क्या डीएमके के सदस्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी?"
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री इन सवालों का जवाब दें और राज्य में कानून-व्यवस्था को बहाल करें.

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