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न्यू ईयर पर घूमने की तैयारी? कोविड और भीड़ ने बढ़ाई प्रशासन की टेंशन, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा हाल

एक और कोरोना का डर तो दूसरी तरफ न्यू ईयर के जश्न की चाहत टूरिस्ट को पहाड़ों की ओर खीचने लगी है. लेकिन पहाड़ों का हाल भी इन दिनों थोड़ा खराब है. दरअसल क्रिसमस पर सैलानियों की भीड़ ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. सरकारों के सामने कोरोना वायरस एक बड़ी चुनौती है. वहीं दूसरी ओर चिलचिलाती ठंड भी लोगों के लिए मुसीबत बन रही है.

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25 दिसंबर की शिमला की तस्वीरें
25 दिसंबर की शिमला की तस्वीरें

नए साल के जश्न के लिए लोगों ने घूमने का प्लान बना रखा है. लेकिन इससे पहले ही पर्यटन क्षेत्रों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जिन्हें देखकर भीड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है. हिमाचल प्रदेश में सैलानियों के आने का सिलसिला अभी भी जारी है. क्रिसमिस के एक दिन बाद भी शहर के सभी होटल लगभग पैक हैं. प्रशासन ने कानून व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती भी कर रखी है. सोमवार दिनभर सड़कों पर जाम जैसी परिस्थितियां बनी रहीं. शिमला की सबसे बड़ी पार्किंग लिफ्ट फुल चल रही है. दरअसल पहाड़ों का रुख कर रहे सैलानियों को उम्मीद है कि नए साल की शुरुआत से पहले बर्फबारी होगी. मौसम विभाग ने भी अनुमान लगाया है कि आगामी 29 और 30 दिसंबर को राज्य के मध्यवर्ती और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. 

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उधर हिमाचल सरकार ने भी सैलानियों की बढ़ती आमद पर कोविड के खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर रखी हैं. सरकार ने सभी जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि कोविड प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाए. साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर लोग मास्क का उपयोग करें. इसके साथ ही सरकार ने राज्य के सभी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था का रिव्यू करने के आदेश भी जारी किए हैं. जिसमे मास्क जैसे जरूरी एहतियात, दवाइयां, बैड, ऑक्सीजन की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार की तरफ से सभी राज्यों को कोविड को लेकर अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. वहीं सोमवार को भी शिमला, कुफरी, फागू, नारकंडा, नाल देहरा  समेत सभी पर्यटक स्थल पर सैलानियों का जमावड़ा देखा गया. लेकिन सैलानियों की भीड़भाड़ में बहुत कम ही मास्क पहने लोग नजर आए. सैलानियों का कहना है कि वे भीड़ भाड़ से बच रहे हैं लेकिन 3 साल बाद घरों से निकले हैं इसलिए एंजॉयमेंट भी करना है. 

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इस ठंड में एडवेंचर की तलाश में सैलानी

कोविड के अलावा हिमाचल प्रदेश में ठंड का अटैक भी जारी है. जहां पूरा प्रदेश सर्दी की जद में है, तो वहीं कुल्लू के साथ-साथ पर्यटन स्थल मनाली समेत तमाम इलाकों  का तापमान शून्य से नीचे चला गया है. आज सुबह मनाली में न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड  किया गया. जबकि कुल्लू में तापमान 3 डिग्री के आसपास रहा. पारे में भारी गिरावट आने से ऊपरी इलाकों में पानी के नल व पाइप जमने लगे हैं. भीषण ठंड ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है. वहीं मनाली घूमने आए पर्यटकों को भी ठंड सहन करना मुश्किल हो रहा है.  

बाहरी शहरों से आए पर्यटक धूप निकलने के बाद ही पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं. हालांकि ठंड के बावजूद पर्यटकों में जोश कम नहीं हुआ है. यहां ठंड के बावजूद पर्यटक साहसिक गतिविधिंया करने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं. मनाली के स्थानीय  निवासी राजेंदर का कहना है कि बीते काफी समय से इलाके में बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है, जिसके चलते घाटी में शुष्क ठंड से लोग बीमार होने लगे हैं. सुबह के समय ठंड अपना कहर बरपा रही है. ठंड ने दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है. सुबह दुकान भी देरी से पहुंच रहे हैं. बच्चों को सुबह-सुबह ठंड में तैयार करके स्कूल भेजना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में तो बस बारिश और बर्फबारी का इंतजार है, ताकि इस शुष्क ठंड से निजात मिले.

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जहां ठंड स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बनी है तो वहीं बाहरी राज्यों से कुल्लू-मनाली आए लोग भी इससे अछूते नहीं रहे हैं. हैदरावाद से आए पर्यटक का कहना है कि बीते कल जब वे सुबह उठे तो मनाली में तापमान -9 डिग्री था. हमें इसकी आदत नहीं है. हैदरावाद में सर्दियों में तापमान 10 डिग्री से नीचे नहीं जाता, लेकिन मनाली में -10 डिग्री तापमान जा रहा है. उन्हें यहां थर्मल और भारी जैकेट्स का सहारा लेना पड़ रहा है. इतनी ठंड के बावजूद भी पर्यटकों ने रिवर राफ्टिंग की.

कोविड को लेकर अलर्ट मोड में उत्तराखंड सरकार 

बढ़ती ठंड और कोविड का खतरा उत्तराखंड में भी लोगों के लिए चिंता बन रहा है. पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. अनुमान है कि 2 दिन बाद राज्य में लाखों की तादात में नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटक जुटेंगे. ऐसे में हर 4 घंटे बाद उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की हो रही बैठक और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों को देखकर अब यह लग रहा है कि कहीं इस साल उत्तराखंड में नए साल का जश्न कहीं हल्का न रह जाए. यह बात इसलिए भी हो रही है क्योंकि उत्तराखंड के होटल व्यवसाय से जुड़े लोग भी सरकार की इस सक्रियता को बड़ी गंभीरता से देख रहे हैं.

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केंद्र सरकार द्वारा राज्य को दिए गए पत्र में यह कहा गया है कि वह अपने अपने राज्य में कोविड की गाइडलाइन का पालन करवाएं. ऐसे में उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार और स्वास्थ्य विभाग भी इसको लेकर सक्रिय हो गया है. राज्य में नए साल का जश्न मनाने के लिए पर्यटक कुछ पहुंच गए हैं और कुछ 2 दिनों बाद राज्य में पहुंचने शुरू हो जाएंगे. एक अनुमान के मुताबिक राज्य के मसूरी, नैनीताल, धनोल्टी, ऋषिकेश, मुंसियारी, रानीखेत, टिहरी-गढ़वाल जैसे पर्यटक स्थलों पर लगभग 10 लाख से अधिक पर्यटकों के आने की उम्मीद है. ऐसे में राज्य सरकार यहां आने वाले पर्यटकों और सार्वजनिक स्थलों पर जुटने वाली भीड़ को नियंत्रण करने के लिए 1 से 2 दिन में कोई गाइडलाइन जारी कर सकती है.

पहाड़ी राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश के आगरा में कोरोना केस मिलने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. ताजमहल सहित अन्य ऐतिहासिक इमारतों पर आने वाले विदेशी सैलानियों की कोरोना जांच के लिए रैंडम सैंपलिंग की जा रही है. ताजमहल पर भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट है. सभी पर्यटकों से विभागीय कर्मचारी मास्क लगाकर आने को कह रहे हैं. फोन पर हुई बातचीत में अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल ने बताया कि मास्क को आने वाले दिनों में अनिवार्य किया जा सकता है. संक्रमण से बचाव के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. सोमवार को 29,614 पर्यटकों ने ताजमहल का दीदार किया. इनमें 1660 विदेशी पर्यटक और सार्क देशों के 375 पर्यटक शामिल रहे.

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