
दिल्ली सरकार और केंद्र अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर आमने-सामने हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत केंद्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाया गया था जिसके विरोध में अरविंद केजरीवाल विपक्षी दलों की गोलबंदी करने में जुटे हैं. दिल्ली के सीएम केजरीवाल महाराष्ट्र के बाद अब तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद पहुंचे हैं.
अरविंद केजरीवाल ने हैदराबाद पहुंचकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात की है. दिल्ली और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों की इस मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं. हालांकि, दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई? इसे लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन माना जा रहा है कि केजरीवाल ने ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ तेलंगाना के सीएम से समर्थन मांगा है.
इस मुलाकात के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहे. इससे पहले, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ स्पेशल फ्लाइट से दिल्ली से हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पहुंचे. अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान के साथ दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी भी हैदराबाद पहुंची हैं. दिल्ली के सीएम केजरीवाल, भगवंत मान और आतिशी बेगमपेट एयरपोर्ट से आईटीसी ककाटिया के लिए रवाना हुए.
दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने हैदराबाद के प्रगति भवन पहुंचकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर से मुलाकात की. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर केंद्र सरकार के अध्यादेश के विरोध में विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए मुहिम छेड़े हुए हैं. दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने मुंबई पहुंचकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी.
नीतीश ने की थी केजरीवाल से मुलाकात
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ दिल्ली के सीएम हाउस पहुंचकर अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी. नीतीश कुमार ने केंद्र के अध्यादेश को लेकर अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था. नीतीश ने इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी.
केंद्र सरकार लाई थी अध्यादेश
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर कमीशन के गठन का प्रावधान कर दिया था. अध्यादेश में ये भी साफ किया गया था कि ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामलों में अंतिम निर्णय का अधिकार उपराज्यपाल के पास ही होगा. केंद्र की ओर से अध्यादेश जारी किए जाने के बाद केजरीवाल ने अलग-अलग दलों के नेताओं से मुलाकात कर इस अध्यादेश के विरोध में समर्थन जुटाने का ऐलान किया था.