महाराष्ट्र में चल रहे हनुमान चालीसा और अजान को लेकर विवाद से लेकर जहांगीरपुरी हिंसा तक, सियासी संग्राम छिड़ा है. दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह से लेकर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बयान दिए हैं. इन सबके बीच मचे घमासान को लेकर असदुद्दीन ओवैसी ने आजतक से बात की. आजतक से बात करते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीजेपी राजनीतिक फायदे के लिए कर रही है.
उन्होंने कहा कि बीजेपी के जब मुख्यमंत्री थे तब उनको ये याद नहीं आया. अब रमजान का महीना भी हमें सुकून से मनाने देना नहीं चाह रहे. रमजान के महीने में इस मसले को उठाया जा रहा है. ये दो भाइयों का झगड़ा है. बीजेपी और शिवसेना में कौन बड़ा हनुमान भक्त है, इस बात की लड़ाई है, इस सवाल पर ओवैसी ने कहा कि जब दोनों दलों की सरकार थी तब तो इनके मुंह में लड्डू थे. महाराष्ट्र में माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है.
यूपी की 140 मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाए जाने और इस्लाम के लिए इसके जरूरी न होने से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कई निर्णय दिए हैं जिन्हें लागू नहीं कराया गया. ओवैसी ने आरोप लगाया कि मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. केवल मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगते हैं, अन्य धार्मिक स्थलों पर नहीं. रमजान हमारे लिए सब्र का महीना होता है. इसमें भी नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा कि क्या सुप्रीम कोर्ट का ये निर्णय दिखता नहीं क्या कि किसी का घर, दुकान तोड़ने से पहले उसे नोटिस दी जानी चाहिए. ये सब निर्णय क्यों लागू नहीं किया जा रहा. असदुद्दीन ओवैसी ने नवनीत राणा के खिलाफ राजद्रोह लगाए जाने को लेकर सवाल पर कहा कि ये सेक्शन बहुत स्ट्रांग है, इसे कोर्ट में प्रूव नहीं किया जा सकता. उन्होंने सवाल किया कि अगर असदुद्दीन ओवैसी कल को ऐलान कर दें कि दिल्ली के सारे मुसलमान प्रधानमंत्री के घर के बाहर जाकर नमाज पढ़ेंगे. तब क्या होगा?
मुसलमानों की हर चीज से नफरत पैदा करने की कोशिश
उद्धव ठाकरे की ओर से बालासाहब ठाकरे की ओर से आए ठीक करना जानते हैं वाले बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे अपने भाई को ठीक नहीं कर पा रहे, दूसरों को क्या ठीक करेंगे. लाउडस्पीकर पॉलिटिक्स को लेकर उन्होंने कहा कि कहीं भी लाउडस्पीकर में अजान बंद नहीं हुआ है. मुसलमानों की हर चीज से नफरत पैदा करने की कोशिश की जा चुकी है. बीजेपी और संघ, मुसलमानों के खिलाफ ऐलान-ए-जंग कर चुके हैं.
जहांगीरपुरी हिंसा को धर्म के चश्मे से देखने से जुड़े आरोप पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कानून के मुताबिक किसी का भी मकान-दुकान आप बगैर नोटिस के नहीं तोड़ सकते.