असम के गोलाघाट जिले में ट्रिपल मर्डर केस का मामला गरमा गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हालिया लव जिहाद को लेकर टिप्पणी पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने विवादित बयान भी दिया है. बोरा ने महाभारत में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी और धृतराष्ट्र-गांधारी विवाह की तुलना लव जिहाद से की है. वहीं, सीएम सरमा ने कहा कि अगर कोई बोरा के खिलाफ शिकायत करता है तो गिरफ्तारी की जाएगी. धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा.
बता दें कि गोलाघाट जिले में सोमवार को 25 वर्षीय युवक ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी और सास-ससुर की हत्या कर दी. बाद में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था.
क्या कहा था कांग्रेस नेता ने...
कांग्रेस नेता बोरा ने कहा था, इतिहास में भी इस तरह शादियां होती आ रही हैं. महाभारत होने का मूल क्या है? दरअसल, गांधारी का परिवार धृतराष्ट्र से विवाह करवाना नहीं चाहता था. भीष्म पितामह ने उन दोनों के बीच जबरन शादी करवा दी. मामा शकुनि के भाई जेल में थे. बाद में उसने कौरवों से बदला लिया. वह भी लव जिहाद है. गांधारी के परिवार ने विरोध किया और ऐसे में उन्होंने आंखों के सामने एक कपड़ा पहन लिया. जब कृष्ण, रुक्मिणी को ले आए तो अर्जुन भी दूसरे रूप में आ गए.
'भगवान से नहीं करना चाहिए तुलना'
बोरा के इस बयान पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, मामला दर्ज होने पर बोरा को गिरफ्तार किया जाएगा. धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए. मुझे नहीं पता कि किसने क्या कहा, लेकिन भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के विषय को घसीटना बहुत निंदनीय है. यह सनातन धर्म के विरुद्ध है. यह हिंदू धर्म के विरुद्ध है. मैं कांग्रेस से अनुरोध करूंगा कि जिस तरह हमें हजरत मोहम्मद या ईसा मसीह को किसी भी धार्मिक विवाद में नहीं घसीटना चाहिए, उसी तरह उन्हें भगवान कृष्ण को भी किसी विवाद में खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. भगवान की तुलना किसी मानवीय अपराध से करना स्वीकार्य नहीं है.
'शिकायत हुई तो गिरफ्तारी करेंगे'
सरमा ने आगे कहा, दूसरा लव जिहाद क्या है? जब किसी लड़की की गलत पहचान दिखाकर शादी की जाती है और शादी के बाद उसे अपना धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जाता है. भगवान कृष्ण ने कभी भी रुक्मिणी को अपना धर्म बदलने के लिए नहीं कहा. अगर कोई केस करेगा तो हमें उस व्यक्ति (बोरा) को गिरफ्तार करना होगा जिसने ऐसा कहा है. यदि सनातन धर्म के हजारों लोग शिकायत दर्ज करा दें तो मैं उसे नहीं बचा सकता.
'धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए'
सीएम का कहना था कि यदि हिंदू, हिंदू से विवाह करे, मुस्लिम मुस्लिम से विवाह करे तो समाज ठीक रहेगा. मैं हमेशा हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करता हूं, लेकिन अगर मुझे कल नमाज पढ़ने के लिए कहा जाए तो मुझे कैसा लगेगा? अगर किसी लड़का-लड़की की शादी भी हो जाए तो किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. यह विशेष विवाह अधिनियम के अनुसार होना चाहिए. जब हम इन कानूनों का पालन नहीं करते हैं और लक्ष्मण रेखा को पार करते हैं तो यह लव जिहाद में बदल जाता है और लव जिहाद का परिणाम हम गोलाघाट ट्रिपल मर्डर केस में देख चुके हैं.
'लव जिहाद को उचित नहीं ठहराना चाहिए'
उन्होंने कहा, कई लड़कियों ने तो आत्महत्या भी कर ली है. मैं युवा लड़कों और लड़कियों से अनुरोध करता हूं कि वे लक्ष्मण रेखा को पार ना करें. लव जिहाद को कभी भी उचित नहीं ठहराया जाना चाहिए. अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिए. हिमंत का कहना था कि एक दिन कांग्रेस के पास मस्जिद और मदरसे के अलावा छिपने के लिए कोई जगह नहीं बचेगी. वहां भी एआईयूडीएफ उनका पीछा करेगी और उन्हें छिपने की भी जगह नहीं मिलेगी.
(रिपोर्ट- सारस्वत कश्यप)