असम (Assam) के दीमा हसाओ जिले में एक बड़ी दुर्घटना हो गई है. यहां 300 फीट गहरी कोयला खदान में पानी घुसने के बाद 9 मजदूर फंस गए थे. इसमें से एक का शव बुधवार को इंडियन आर्मी की गोताखोर टीम ने बरामद किया. मजदूरों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. लेकिन बताया जा रहा है कि बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
इंडियन नेवी और NDRF सहित कई एजेंसियां, पानी से लबालब भरी कोयले की खदान में फंसे हुए आठ मजदूरों को बचाने के लिए कैंपेन चला रही है.
भारी बारिश के बाद, असम-मेघालय बॉर्डर के पास एक सुदूर इलाके उमरंगसो में 300 फीट गहरी अवैध खदान में सोमवार को पानी भर गया, जिससे नौ मजदूर फंस गए.
सूत्रों के मुताबिक, खदान में करीब 100 फीट तक पानी भर गया है.
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पानी के अंदर कैमरे
नौसेना ने सर्च ऑपरेशन में मदद के लिए स्पेश्लाइज्ड डाइविंग इक्विपमेंट और पानी के अंदर कैमरे तैनात किए हैं. स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने वाली एनडीआरएफ की टीम ने बचावकर्मियों की सुरक्षा के लिए खदान से पानी निकालने और स्ट्रक्चर को मजबूत करने सहित सतही कार्यों में अहम भूमिका निभाई है.
यह कैंपेन चुनौतियों से भरा रहा है. बचावकर्मियों को तंग खाइयों, तेज पानी की धाराओं, कम दृश्यता और मलबे से गुजरना पड़ा.
तमाम तरह की परेशानियों के बावजूद, सेना, नौसेना और NDRF की टीम लगातार कोशिशें कर रही है. इंडियन नेवी द्वारा पानी के अंदर रिमोट से चलने वाले व्हीकल (ROV) का उपयोग पानी से लबालब खदान की मैपिंग करने में किया जा रहा है.
असम सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा सपोर्ट देने का वादा किया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "हम फंसे हुए लोगों को बचाने और इस मुश्किल वक्त में उनके परिवारों की सहायता करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं."
2018 और 2021 में हो चुकी हैं घटनाएं
दिसंबर 2018 में इसी तरह की एक घटना मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई थी. तब एक अवैध कोयला खदान में पास की नदी का पानी घुसने के बाद वहां 15 मजदूर फंस गए थे. वहीं, 2021 में इसी तरह की एक और घटना हुई थी, जिसमें मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में डायनामाइट विस्फोट के बाद पानी से भरी एक अवैध कोयला खदान में पांच मजदूर फंस गए थे.