असम में बाढ़ की स्थित पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चिंता जाहिर की है. कांग्रेस नेता ने केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद करने की अपील की है. बता दें कि असम में बाढ़ के चलते हालात गंभीर बने हुए हैं. इसमें अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं, करीब 24 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा, 'असम में बाढ़ की स्थिति लगातार खतरनाक होती जा रही है. मेरी संवेदनाएं बाढ़ से जूझ रहे हमारे भाइयों और बहनों के साथ हैं.'
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा,'मैं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से बचाव और पुनर्वास कार्यों में मदद करने की अपील करता हूं. केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि वे प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करें. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के मुताबिक विनाशकारी बाढ़ ने चराईदेव में दो और ग्वालपाड़ा, मोरीगांव, सोनितपुर और तिनसुकिया जिलों में एक-एक व्यक्ति की जान ले ली.
29 जिलों में 23 लाख लोग प्रभावित
इस साल बाढ़ भूस्खलन और तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है. 29 जिलों में बाढ़ से कुल 23 लाख 96 हजार 648 लोग प्रभावित हैं. जबकि 68 हजार 768.5 हेक्टेयर फसल पानी में डूब गई है. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में धुबरी शामिल है, जहां 7 लाख 97 हजार 918 लोग प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा कछार में 1 लाख 75 हजार 231 लोग प्रभावित हैं. वहीं, दरांग में 1 लाख 63 हजार 218 लोग प्रभावित हुए हैं.
शिवरों में रह रहे 53 लाख लोग
जानकारी के मुताबिक असम में 53 हजार 429 लोगों ने 577 राहत शिविरों में शरण ले रखी है. ब्रह्मपुत्र नदी निमाटीघाट, तेजपुर, ग्वालपाड़ा और धुबरी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसकी सहायक नदियां चेनीमारी में बूढ़ी दिहिंग, शिवसागर में दिखौ, नांगलमुराघाट में दिसांग, नुमालीगढ़ में धनसिरी, एनटी रोड क्रॉसिंग पर जिया भराली और धरमतुल में कोपिली और गोलकगंज में संकोश भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बराक नदी करीमगंज शहर में एपी घाट, बीपी घाट और कुशियारा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.