असम और मिजोरम सीमा पर (Assam-Mizoram Border Clash) हुए हालिया संघर्ष को लेकर पूर्वोत्तर के बीजेपी सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात की. इस दौरान सांसदों ने पीएम मोदी (PM Modi) को ज्ञापन भी सौंपा. बीजेपी सांसदों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और विदेशी ताकतें लोगों को भड़का रहीं हैं और भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश कर रहीं हैं.
प्रधानमंत्री से बैठक के बाद बीजेपी सांसदों ने बताया कि असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद (Border Disputes) को लेकर जो घटना हुई, उसको लेकर पीएम मोदी को एक ज्ञापन सौंपन गया है. इस ज्ञापन में लिखा गया है कि सीमा विवाद पुराना है, लेकिन कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियां आग में घी डालने का काम कर रहीं हैं. हिंसा को भड़काने के लिए भड़काऊ बयान दे रहे हैं. लोगों को भड़काया जा रहा है. सोशल मीडिया पर भी विदेशों से कुछ ऐसी चीजें पोस्ट की जा रहीं हैं.
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इस ज्ञापन में लिखा है कि पूर्वोत्तर में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो विकास हुआ है, वैसा कभी नहीं हुआ. पिछले 7 सालों में पूर्वोत्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. ज्ञापन में लिखा है कि जो लोग पूर्वोत्तर में सुख और शांति बिगाड़ने का काम कर रहे हैं, हम उसकी निंदा करते हैं.
मीटिंग के बाद केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा, "हमने पीएम का आभार व्यक्त किया और उन्हें बताया कि कैसे कांग्रेस और दूसरी राजनीतिक पार्टियां हिंसा का राजनीतिकरण करके पूर्वोत्तर की शांति बिगाड़ रहे हैं." उन्होंने ये भी कहा कि हम कांग्रेस से इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील करते हैं.
मिजोरम के राज्यपाल ने भी की PM से मुलाकात
असम के साथ तनाव को लेकर मिजोरम के राज्यपाल हरी बाबू ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार दोनों राज्यों के बीच तनाव को कम करने की कोशिश में लगी है. राज्यपाल हरी बाबू आज शाम को गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे.