कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तानी दोस्त अली तौकीर शेख के खिलाफ दर्ज मामले की जांच के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) हरमीत सिंह ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. यह मामला शेख द्वारा भारत के आंतरिक मामलों और संसदीय गतिविधियों पर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों से जुड़ा है. सीएम ने खुद इसकी जानकारी दी है.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक SIT का गठन राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) द्वारा एक एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद किया गया. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न के कथित पाकिस्तानी दोस्त अली तौकीर शेख के आईएसआई कनेक्शन को लेकर उठे विवाद के बीच दर्ज किया गया है.
शेख जो पाकिस्तान की योजना आयोग के सलाहकार और कोलबर्न के पूर्व सहयोगी रह चुके हैं, उन पर भारतीय दंड संहिता (BNS) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
चार सदस्यीय SIT करेगी जांच
डीजीपी द्वारा गठित चार सदस्यीय एसआईटी की अगुवाई सीआईडी के विशेष डीजीपी एम पी गुप्ता करेंगे. इसके अलावा, टीम में एआईजीपी (प्रशासन) प्रणबज्योति गोस्वामी, मुख्यमंत्री की विशेष सतर्कता प्रकोष्ठ की एसपी रोजी कलिता और गुवाहाटी (पश्चिम) की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मोइत्रयी डेका शामिल हैं.
इसको लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने X (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'मामले की गंभीरता को देखते हुए असम पुलिस के डीजीपी ने एसआईटी का गठन किया है, जो पूरी तरह से पेशेवर और निष्पक्ष जांच करेगी.' असम पुलिस द्वारा दर्ज CID PS Case No 05/2025 के तहत BNS और UAPA की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें धारा 48 (विदेश में किए गए अपराधों के लिए उकसाना) धारा 152 (अलगाववाद, सशस्त्र विद्रोह और विध्वंसक गतिविधियों के लिए उकसाना) धारा 61 (आपराधिक साजिश) धारा 197(1) राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देना शामिल है.
बता दें कि मुख्यमंत्री ने पहले ही शेख की सोशल मीडिया गतिविधियों पर सवाल उठाए थे, उनका कहना था कि शेख ने भारत के आंतरिक मामलों और संसदीय गतिविधियों पर विस्तृत टिप्पणियां की हैं, जो राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने और सामाजिक सद्भाव को खराब करने की मंशा दर्शाती हैं.