यूपी के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के परिवार का एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जो कि काफी पुराना बताया जा रहा है. इसमें अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्य, जिसमें माफिया का भाई अशरफ और बेटा अली अहमद व उसके गिरोह के कई लोग भी तोबड़तोड़ फायरिंग करते नजर आ रहे हैं. तकरीबन ढाई मिनट के इस वीडियो में डेढ़ सौ राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई है. हैरान कर देने वाला ये पुराना वीडियो एक शादी समारोह का बताया जा रहा है.
गौरतलब है कि अतीक अहमद की कहानी का आगाज साल 1979 से होता है. उस वक्त इलाहाबाद के चाकिया मोहल्ले में फिरोज अहमद का परिवार रहता था, जो तांगा चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते थे. फिरोज का बेटा अतीक हाईस्कूल में फेल हो गया था. इसके बाद पढ़ाई लिखाई से उसका मन हट गया. उसे अमीर बनने का जुनून सवार हो गया. इसलिए वो गलत काम धंधे में पड़ गया और रंगदारी वसूलने लगा.
देखिए ढाई मिनट में डेढ़ सौ राउंड फायरिंग का वीडियो...
महज 17 साल की उम्र में उस पर हत्या का आरोप लग चुका था. उस समय पुराने शहर में चांद बाबा का दौर था. पुलिस और नेता दोनों चांद बाबा के खौफ को खत्म करना चाहते थे. लिहाजा, अतीक अहमद को पुलिस और नेताओं का साथ मिला. लेकिन आगे चलकर अतीक अहमद, चांद बाबा से ज्यादा खतरनाक साबित हुआ.
गेस्ट हाउस कांड में मुख्य आरोपियों में था अतीक का नाम
जून 1995 में लखनऊ में हुए गेस्ट हाउस कांड में अतीक अहमद का नाम उन मुख्य आरोपियों में था, जिन्होंने मायावती पर हमला किया था. मायावती ने गेस्ट हाउस कांड के कई आरोपियों को माफ कर दिया था, लेकिन अतीक अहमद को नहीं बख्शा. मायावती के सत्ता में आते ही अतीक की उल्टी गिनती शुरू हुई. जब-जब बसपा सरकार में आई, अतीक हमेशा उनके निशाने पर रहा.
मायावती सरकार में सलाखों के पीछे ही रहा अतीक अहमद
मायावती शासन काल में अतीक पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ उसकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने से लेकर कई बड़ी कार्रवाई हुईं. यूपी में मायावती सरकार के दौरान अतीक अहमद जेल की सलाखों के पीछे ही रहा. बसपा के दौर में अतीक का दफ्तर गिरवाने के साथ-साथ उसकी संपत्तियां जब्त करवा कर उसे जेल भेजा गया था. प्रयागराज में उसकी राजनीतिक पकड़ को कमजोर ही नहीं बल्कि पूरी तरह से खत्म कर दिया गया था.