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माफिया डॉन अतीक अहमद को लेकर यूपी पुलिस कभी भी गुजरात की साबरमती जेल (अहमदाबाद) से निकल सकती है. यूपी पुलिस इस वक्त साबरमती जेल में कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है. पुलिस अतीक को ले जाने के लिए वारंट लेकर आई है. साथ में दो गाड़ियां भी लाई है. उमेश पाल के साथ-साथ राजू पाल हत्याकांड में भी अतीक अहमद आरोपी है. बता दें कि 28 मार्च को प्रयागराज कोर्ट में उमेश पाल किडनैपिंग केस में फैसला आना है. इसी फैसले को लेकर अतीक को प्रयागराज लाया जाएगा. वहीं, अतीक के भाई अशरफ को भी बरेली जेल से प्रयागराज लाया जा सकता है.
दरअसल, उमेश पाल अपहरण कांड में 28 मार्च को प्रयागराज के एमपी एमएलए कोर्ट से फैसला सुनाया जाएगा. जिसके मद्देनजर अहमदाबाद जेल में बंद अतीक अहमद को प्रयागराज लाया जाएगा. प्रयागराज पहुंचने और कोर्ट में पेशी के बीच अतीक अहमद को प्रयागराज पुलिस लाइन में रखे जाने की तैयारी चल रही है.
पुलिस लाइन में अतीक अहमद को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखे जाने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए पुलिस अफसरों ने सुरक्षा चार्ट तैयार किया जा रहा है. आशंका है कि जब अतीक अहमद प्रयागराज पहुंचेगा, तब तक रात हो सकती है और रात होने पर उसे प्रयागराज पुलिस लाइन में रखा जाएगा.
साबरमती जेल से सड़क मार्ग द्वारा अतीक अहमद को लाने की तैयारी है. प्रयागराज तक अतीक को लाने के लिए रास्ता शिवपुरी से झांसी होकर रास्ता होगा, जिसमें 24 से 25 घंटे लगातार ट्रैवल करने पर लगेगा.
बता दें कि उमेश पाल 25 जनवरी 2005 को हुए बीएसपी विधायक राजू पाल हत्याकांड में उमेश पाल मुख्य गवाह थे. गवाही से रोकने के लिए 28 फरवरी 2006 को उमेश पाल का अपहरण हुआ था और जिसके बाद उमेश पाल ने कोर्ट में अपने बयान बदल दिए थे. अपहरण कर जबरन बयान दिलवाने के मामले में उमेश पाल ने 1 साल बाद धूमनगंज थाने में साल 2007 में क्राइम नंबर 270 /2007 पर अतीक अहमद अशरफ और दिनेश पासी पर एफआईआर दर्ज करवाई थी.
इसी मामले में उमेश पाल की लगातार गवाही चल रही थी और 24 फरवरी को भी उमेश पाल अपनी गवाही पूरी कर घर लौटे रहे थे जब उनकी हत्या कर दी गई. 17 मार्च 2023 को कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब 28 मार्च को उमेश पाल अपहरण कांड में कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी.
24 को उमेश पाल की हत्या हुई
गौरतलब है कि प्रयागराज के बहुचर्चित विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके 2 सुरक्षाकर्मियों संदीप निषाद और राघवेंद्र की 24 फरवरी 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने धूमनगंज थाने में पूर्व सांसद अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन, 2 बेटों, अतीक के साथी गुड्डू मुस्लिम, गुलाम मोहम्मद और 9 अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था.
अतीक का पूरा परिवार आरोपी
शूटर्स के अलावा उमेश पाल हत्याकांड में गुजरात की जेल में बंद कुख्यात माफिया डॉन अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक का भाई अशरफ और उसके बेटों को आरोपी बनाया गया है. एक बेटा फिलहाल फरार है, जबकि दो नाबालिग बेटों को पुलिस ने बाल सुधार गृह भेज दिया है. वहीं, अशरफ दूसरे मामलों को लेकर बरेली जेल में बंद है.