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आयुष्मान की नई स्कीम के 10 दिन में 4 लाख से अधिक बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन, सबसे ज्यादा MP से

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास 11 नवंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आयुष्मान भारत के विस्तारित संस्करण के तहत मध्य प्रदेश से सबसे अधिक नए लाभार्थियों ने पंजीकरण करवाया है, जहां बुजुर्गों के लिए इस योजना के लगभग 1,22,527 कार्ड जारी किए गए हैं.

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प्रतीकात्मक फाइल फोटो
प्रतीकात्मक फाइल फोटो

केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले ही आयुष्मान भारत योजना का विस्तार करते हुए इसमें अहम बदलाव किया. योजना में 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल किया गया है. इस बदलाव के महज 10 दिन के बाद के जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं, वो उत्साहजनक है.  करीब 10 दिन के अंदर ही 4 लाख से ज्यादा बुजुर्ग इस योजना से जुड़ गए हैं.

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प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना के विस्तारित संस्करण को शुरू होने के बाद अभी तक 70 वर्ष से अधिक आयु के  4,26,129 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत कार्ड प्राप्त हुए हैं.

केरल से सबसे अधिक पंजीकरण

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पास 11 नवंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विस्तारित संस्करण के तहत मध्य प्रदेश से सबसे अधिक नए लाभार्थियों ने पंजीकरण करवाया है, जहां बुजुर्गों के लिए लगभग 1,22,527 कार्ड जारी किए गए हैं. 

यह भी पढ़ें: 'अपने नाम से रखना चाहते थे योजना', आयुष्मान भारत पर केजरीवाल के आरोपों पर दिल्ली LG वीके सक्सेना का बयान

नए बुज़ुर्ग लाभार्थियों की सूची में मध्य प्रदेश के बाद केरल का नंबर आता है  जहां अगले दशक में बुज़ुर्ग नागरिकों का अनुपात सबसे ज़्यादा होने का अनुमान है. 2031 तक केरल में 60 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या की आबादी 20.9% होने की उम्मीद है. केरल में 1,17,577 बुजुर्गों ने इस योजना के लिए पंजीकरण किया है.

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केरल के बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है जहां से 78,651 बुजुर्गों ने पंजीकरण किया है. इसके अलावा कर्नाटक से 21,722, हरियाणा से 19,270 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया है. योजना में मौजूदा नामांकन के अलावा नए नामांकन वाले ये शीर्ष छह राज्य हैं 

बंगाल और दिल्ली के बुजुर्ग इस वजह से नहीं ले सकेंगे लाभ

इन आंकड़ों में AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल शामिल नहीं हैं, जिन्होंने इस योजना से बाहर निकलने का विकल्प चुना है.  29 अक्टूबर को विस्तारित संस्करण को लागू करने के दौरान, प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त किया था कि इन दोनों राज्यों में बुजुर्ग नागरिक इससे बाहर रह गए हैं.

एनएचए के निदेशक वी किरण गोपाल ने कहा, "दिल्ली और पश्चिम बंगाल राज्य अभी भी योजना के दायरे से बाहर हैं. ओडिशा में नामांकन प्रक्रियाधीन है, जबकि महाराष्ट्र और झारखंड में, आदर्श आचार संहिता के कारण नंबर दिखाए नहीं गए हैं. " जबकि केवल AAP शासित पंजाब ने हाल ही में विस्तारित योजना को लागू किया है, जहाँ राज्य ने 11 नवंबर तक 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए लगभग 9,395 से अधिक नामांकन किए हैं.

आपको बता दें कि आयुष्मान भारत योजना को साल 2018 में पहली बार लॉन्च किया गया था जो दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम है. इस योजना के तहत, लोगों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. हाल ही में केंद्र सरकार ने योजना का विस्तार करते हुए 0 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया है. 

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सरकार का मकसद

केंद्र सरकार की नवीनतम पहल का उद्देश्य 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों वाले लगभग 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाना है. विस्तारित संस्करण के तहत, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी लोग, चाहे उनकी आय कुछ भी हो, वह 5 लाख रुपये के कवर पाने के हकदार होंगे. 

जिन लोगों के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, उन्हें नए कार्ड के लिए फिर से आवेदन करना होगा और अपना EKYC फिर से पूरा करना होगा. AB-PMJAY के तहत पहले से ही कवर परिवारों से संबंधित 70 वर्ष और उससे ज्यादा आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपने लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप कवर मिलेगा. इसे उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा नहीं करना होगा.
 

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