समाजवादी पार्टी नेता और पूर्व सांसद आजम खान के बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करने को कहा है. इसके साथ ही हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि उनकी याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई कर फैसला करें.
अदालत ने इस मामले में अब्दुल्ला आजम को 10 अप्रैल को कोर्ट के समक्ष पेश होने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट यह भी देखे कि अब्दुल्ला वाली सीट पर चुनाव आयोग जल्द चुनाव की अधिसूचना जारी करें.
दरअसल 15 साल पुराने मामले में दोषी ठहराए जाने और दो साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद अब्दुल्ला आजम की विधायकी रद्द कर दी गई थी. इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर करते हुए उन्होंने अपनी दोषसिद्धि पर रोक लगाने की सुप्रीम कोर्ट से मांग की है.
क्या था पूरा मामला
बता दें कि 15 साल पहले 29 जनवरी 2008 को छजलैट पुलिस ने पूर्व मंत्री आजम खान की कार को चेकिंग के लिए रोका था. जिससे उनके समर्थक भड़क गए थे. इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था. इस हंगामे में अब्दुल्ला समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
पुलिस ने इस मामले में हंगामा करने वाले सभी लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने और भीड़ को उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था. इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने दो-दो साल की सजा सुनाई थी. जिसके दो दिन बाद ही उन्हें यूपी विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.