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पुलिस ने धमकाया, घंटों थाने में बिठाया, नहीं दी CCTV फुटेज... बदलापुर के पीड़ित परिवार ने बताई आपबीती

परिवार ने बताया कि जब बदलापुर रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन हुआ, तो उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का फोन आया जिसमें उन्हें धमकी दी गई कि अगर वे इस प्रदर्शन में शामिल हुए तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी. इस धमकी के कारण परिवार के सदस्य प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके.

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बदलापुर में यौन शोषण की घटना के विरोध में हुआ था भीषण विरोध प्रदर्शन
बदलापुर में यौन शोषण की घटना के विरोध में हुआ था भीषण विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र के बदलापुर यौन शोषण मामले में आजतक ने पीड़िता के परिवार से बातचीत की. इस दौरान पीड़ित परिवार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सामने आया है कि पीड़िता और उसके परिवार ने जिस तरह के उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का सामना किया, वह बेहद हृदयविदारक है. परिवार की इस व्यथा को सुनकर किसी का भी दिल दहल जाएगा.

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स्कूल ने कह दिया, साइकिल चलाने से लगी होगी चोट
पीड़िता के परिवार ने बताया कि जब उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल और शिक्षकों को मेडिकल रिपोर्ट दिखाई, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लेने के बजाय यह कह दिया कि हो सकता है कि साइकिल चलाने से बच्ची के निजी अंगों में चोट लग गई हो. स्कूल की ओर से दिए गए इस बयान से परिवार को ठेस पहुंची क्योंकि उनके पास मेडिकल रिपोर्ट थी जिसमें इस बात-बात का साफ-साफ जिक्र था, बच्ची के साथ अपराध किया गया है और यह घटना स्कूल में ही हुई थी.

पुलिस ने धमकाया, प्रदर्शन किया तो FIR कर देंगे
परिवार ने बताया कि जब बदलापुर रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन हुआ, तो उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का फोन आया जिसमें उन्हें धमकी दी गई कि अगर वे इस प्रदर्शन में शामिल हुए तो उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी. इस धमकी के कारण परिवार के सदस्य प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके. उन्होंने कहा कि, वह पहले से ही घबराए हुए थे और पुलिस की इस धमकी के कारण और डर गए थे.

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पुलिस ने बेवजह घंटों तक थाने में बिठाए रखा. गर्भवती मां का भी नहीं किया लिहाज
परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उन्हें घंटों तक थाने में बैठाकर रखा. न सिर्फ पीड़िता बच्ची और उसके पिता थाने में बैठे रहे, बल्कि पीड़िता की गर्भवती मां भी वहीं बैठी रही. उन्हें किसी अलग कमरे में नहीं, बल्कि अपराधियों के सामने बैठाया गया, जो उनके लिए बेहद अपमानजनक भी था और परेशान करने वाला भी.  इसके अलावा, सरकारी अस्पताल में मेडिकल टेस्ट के लिए समय 9 बजे का दिया गया था, लेकिन पुलिसकर्मी 11:45 बजे पहुंचे, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा.

सीसीटीवी फुटेज पर को लेकर कही ये बात

परिवार ने यह भी खुलासा किया कि जब उन्होंने स्कूल में सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो उन्हें बताया गया कि पिछले 15 दिनों से सीसीटीवी कैमरों का काम चल रहा है, इसलिए वे बंद हैं. इसके अलावा, परिवार को यह भी जानकारी मिली कि उसी स्कूल के एक पुरुष शिक्षक ने 8वीं कक्षा की एक और छात्रा के साथ भी ऐसा ही अपराध किया था.

एक महिला पुलिस अधिकारी, जो स्कूल में जांच के लिए आई थी, उसने स्कूल प्रबंधन के साथ एक गुप्त बैठक की और बाहर आने के बाद परिवार को यह कहकर चौंका दिया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. परिवार ने आरोप लगाया कि इस मामले को दबाने के लिए स्कूल प्रबंधन और कुछ राजनेताओं के साथ भी मिलीभगत हो सकती है.

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परिवार कर रहा है कड़ी कार्रवाई की मांग
परिवार ने इस घृणित अपराध के दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. इसके अलावा, परिवार ने स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि उन्होंने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपों को खारिज करने की कोशिश की.

पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद नहीं
पीड़िता की मां गर्भवती हैं और पिता की तबीयत भी खराब है. पूरे परिवार की मानसिक और शारीरिक स्थिति बेहद खराब है. पीड़िता घटना के बाद से बेहद डरी हुई है और किसी से मिलने को तैयार नहीं है. पुलिस द्वारा दिए गए धमकी भरे फोन कॉल्स के बाद परिवार ने पुलिस पर से भरोसा खो दिया है और उन्हें न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है.

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