ओडिशा रेल हादसे की जांच में जुटी सीबीआई ने सोमवार को सोरो सेक्शन सिग्नल जेई का घर सील कर दिया है. सिग्नल जेई बालासोर स्थित सोरो में किराए के घर में परिवार के साथ रहता था. बहानागा रेलवे स्टेशन (बालासोर) में हुई दुर्घटना के बाद से सिग्नल जेई और उनका परिवार घर में मौजूद नहीं था. एजेंसी ने पहले उससे पूछताछ की थी, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक अब वह अपने परिवार के साथ लापता है. हालांकि रेलवे ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है.
दक्षिण पूर्व रेलवे के सीपीआरओ आदित्य कुमार चौधरी ने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स आ रही हैं कि बहानागा का एक कर्मचारी फरार और लापता है. यह तथ्यात्मक रूप से गलत है. पूरा स्टाफ मौजूद है और पूछताछ का एक हिस्सा है. वो एजेंसी के सामने पेश हो रहे हैं.
It is to be clarified none of the staff involved in the ongoing query are missing or absconding.
— Spokesperson Railways (@SpokespersonIR) June 20, 2023
-CPRO/SER pic.twitter.com/il4GRn2WrA
292 यात्रियों की हो चुकी है मौत
बताया जा रहा है कि बहनागा में हुए हादसे के बाद से सिग्नल जेई और उसका परिवार किराये के मकान से लापता है. ओडिशा के ट्रेन हादसे में अब तक 292 यात्रियों की मौत हो चुकी है. सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान सिग्नल जेई से एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ की थी. सीबीआई की टीम 16 जून को जांच के बाद बालासोर से निकली थी और सोमवार को अचानक लौटी और सिग्नल जेई के घर को सील कर दिया.
सीबीआई ने 6 जून से शुरू की थी जांच
ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 6 जून को अपने हाथ में ले ली है. सीबीआई ने पहले ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली थी. जांच एजेंसी मामले में तब शामिल हुई, जब हादसे के बाद इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने का अंदेशा जताया गया था. यह सिस्टम ट्रेनों की स्थिति के बारे में जानकारी देता है. अधिकारियों को हादसे के पीछे इसमें तोड़फोड़ की भी आशंका थी. जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें रेलवे से जुड़े मामलों से निपटने में ज्यादा विशेषज्ञता नहीं है, इसलिए इसकी तह तक जाने के लिए रेल सुरक्षा और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद की जरूरत पड़ सकती है.
स्टेशन किया गया था सील
बता दें सीबीआई ने जांच शुरू करते ही ‘लॉग बुक’, ‘रिले पैनल’ और अन्य उपकरण जब्त करने के बाद स्टेशन को सील कर दिया था. बताया गया था कि रिले इंटरलॉकिंग पैनल को सील कर दिया गया है, जिससे सिग्नल प्रणाली तक कर्मचारी की पहुंच बंद हो गई है. कोई सवारी गाड़ी या मालगाड़ी अगले नोटिस तक बाहानगा बाजार स्टेशन पर नहीं रुकेगी. इसलिए बहानागा स्टेशन पर कोई भी ट्रेन रुकना बंद हो गई थी.
पांच रेलवे कर्मी थे जांच के रडार पर
आधिकारिक सूत्रों की ओर से बताया गया था कि ओडिशा के बालासोर जिले में तीन रेलगाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के संबंध में बहनागा बाजार के स्टेशन मास्टर सहित पांच रेलवे कर्मचारियों की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि चार अन्य कर्मचारी सिग्नलिंग से संबंधित काम करते हैं और इस महीने की शुरुआत में दुर्घटना के समय ड्यूटी पर थे. सूत्रों ने कहा कि पांचों कर्मचारी वर्तमान में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं और भविष्य की कोई भी कार्रवाई रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा तैयार दुर्घटना जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी.