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तिरुमाला में राजनीतिक और नफरत भरे भाषणों पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई

TTD बोर्ड ने तिरुमाला में राजनीतिक और नफरत भरे भाषणों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. बोर्ड का कहना है कि तिरुमाला का वातावरण शांति और धार्मिकता का प्रतीक है, और इसे किसी भी प्रकार के विवादों या नफरत भरे बयान से प्रभावित होने से बचाना बेहद जरूरी है.

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तिरुमाला में राजनीतिक और नफरत भरे भाषणों पर प्रतिबंध
तिरुमाला में राजनीतिक और नफरत भरे भाषणों पर प्रतिबंध

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने तिरुमाला मंदिर में राजनीतिक और नफरत भरे भाषणों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. यह कदम मंदिर की पवित्रता और धार्मिक शांति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है. तिरुमाला के पवित्र मंदिर में, जहां हमेशा गोविंद नामों की गूंज सुनाई देती है, हाल के दिनों में कुछ व्यक्ति और राजनीतिक नेता मंदिर के दर्शन के बाद मंदिर के सामने मीडिया के समक्ष राजनीतिक और नफरत भरे बयान दे रहे थे. इससे तिरुमाला के धार्मिक वातावरण में विघ्न उत्पन्न हो रहा था, जिससे भक्तों और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही थी.

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आदेश का उल्लंघन होने पर होगी कानूनी कार्रवाई
इन घटनाओं को देखते हुए, TTD बोर्ड ने तिरुमाला में राजनीतिक और नफरत भरे भाषणों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. बोर्ड का कहना है कि तिरुमाला का वातावरण शांति और धार्मिकता का प्रतीक है, और इसे किसी भी प्रकार के विवादों या नफरत भरे बयान से प्रभावित होने से बचाना बेहद जरूरी है.

TTD ने इस निर्णय को सभी के सहयोग की जरूरत बताई है और अपील की है कि सभी लोग तिरुमाला की पवित्रता और शांति बनाए रखने के लिए इस आदेश का पालन करें. TTD ने यह भी कहा है कि जो लोग इस आदेश का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इस फैसले के बाद तिरुमाला मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को यह उम्मीद है कि मंदिर की धार्मिक शांति बनी रहेगी, और कोई भी विवाद या राजनीतिक बयान मंदिर के वातावरण को प्रभावित नहीं करेगा. TTD का यह कदम तिरुमाला की धार्मिक भावना और माहौल को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
 

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