कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक आलू किसान ने आत्महत्या कर ली है. बांकुड़ा के जयपुर थाना क्षेत्र के जरका गांव में आलू कारोबार में काफी नुकसान होने के कारण 65 वर्षीय बंसी घोष ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली.
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि बंसी घोष काफी दिनों से आलू के कारोबार के साथ जुड़े हुए थे. जरका प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति के सदस्य थे.
फिलहाल उन्हें आलू कारोबार में काफी नुकसान हुआ था. देनदार किसानों का उन पर काफी दबाव पड़ रहा था. इस मानसिक दबाव को सहन नहीं कर पाने के कारण ही बंसी घोष ने आत्महत्या कर ली.
सुबह बंसी घोष ने घर में ही विष खाकर आत्महत्या कर ली. हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें विष्णुपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
जरका प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति की ओर से कोषाध्यक्ष सनातन माईती ने बताया कि बंसी घोष ने 3 लाख रुपये का आलू उन्होंने खरीदा था. अचानक दाम कम हो गया. वह इस आलू को मात्र 1.5 लाख रुपये में बेचने को बाध्य हो गए. इसके बाद किसानों ने आलू का दाम मांगना शुरू कर दिया. इसके कारण उन पर काफी मानसिक दबाव पड़ा और उन्होंने आत्महत्या कर ली.