scorecardresearch
 

पहले चरण में बंपर वोटिंग, हिंसा के बीच बंगाल में 79.79% और असम में 72.30% पड़े वोट

बंगाल और असम में पहले चरण के मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखा. बंगाल में दोपहर 1.45 बजे तक 54 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई थी, जबकि असम में 3 बजे तक 62.17 फीसदी मतदान हुआ था. लेकिन दिन ढलते-ढलते वोटिंग का आंकड़ा 70 फीसदी को पार कर गया.

Advertisement
X
पहले चरण में मतदाताओं का खासा उत्साह दिखा (पीटीआई)
पहले चरण में मतदाताओं का खासा उत्साह दिखा (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पश्चिम मिदनापुर जिले में मतदान केंद्र पर झड़प
  • शुभेंदु अधिकारी के भाई की कार पर हमला
  • पहले चरण में बंगाल में 79.79% लोगों ने वोट डाले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के बीच शनिवार को बंगाल और असम में पहले चरण के लिए छुट-पुट हिंसा को छोड़ दिया जाए तो मतदान कुल मिलाकर शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. बंगाल और असम जमकर मतदान हुआ और दोनों ही राज्यों में 70 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई.

Advertisement

पश्चिम बंगाल में ऑडियो वॉर के बीच शनिवार को पहले चरण के तहत बंगाल में 30 सीटों और असम में 47 सीटों पर वोटिंग कराई गई. दोनों राज्यों में मतदाताओं का खासा उत्साह दिखा. बंगाल में 79.79 फीसदी तो असम में 72.30 फीसदी वोटिंग हुई.

बंगाल में पहले चरण के लिए 30 विधानसभा सीटों पर आज मतदान खत्म हो गया. शाम 6.47 बजे तक बंगाल में 79.79 फीसदी लोगों ने वोट डाले. जबकि असम में 47 सीटों के लिए 72.30% वोटिंग हुई. हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है.

बंगाल और असम में मतदान को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखा था. बंगाल में दोपहर 1.45 बजे तक 54 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई थी, जबकि असम में 3 बजे तक 62.17 फीसदी मतदान हुआ था. 

मतदान केंद्रों पर झड़प

Advertisement

पहले चरण के मतदान के दौरान कई जगहों पर हिंसा की कुछ घटनाएं घटीं. पश्चिम मिदनापुर जिले के मोहनपुर में एक मतदान केंद्र पर बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई जिसे खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से लाठीचार्ज दिया गया. सुरक्षा बलों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.

वोटिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे (पीटीआई)
वोटिंग के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे (पीटीआई)

इसी तरह पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में एक मतदान केंद्र पर सीपीआईएम और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई जिसमें दो लोग घायल हुए. दोनों पार्टी के एक-एक कार्यकर्ता घायल हुए हैं.

तारकेश्वर: बीजेपी महिला नेता के साथ छेड़छाड़ और मारपीट
हुगली के तारकेश्वर विधानसभा के अंतर्गत जेड पी 33 जोन की बीजेपी महासचिव सुमन मंडल के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की घटना हुई है. सुमन ने तृणमूल के गुंडों पर घातक हमले का आरोप लगाया. घायल बीजेपी नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमले के विरोध में सैकड़ों भाजपा नेता सड़क पर उतर आए.

हमले में घायल बीजेपी नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया
हमले में घायल बीजेपी नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया

तारकेश्वर में भाजपा की महिला जोन की महासचिव सुमन के साथ छेड़छाड़ और मारपीट की घटना को लेकर तृणमूल और भाजपा के लोगों के बीच झड़प हो गई. इस झड़प में कई लोग घायल हो गए. भाजपा नेता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं.

Advertisement

बीजेपी के दिग्गज उम्मीदवार और राज्यसभा के पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता हुगली के तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल के रामेंदु सिंघा रॉय के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

शुभेंदु के भाई की कार पर हमला

मतदान के दौरान कई जगहों पर यह भी आरोप लगे कि बूथ के अंदर जाने नहीं दिया गया. तृणमूल की ओर से आरोप लगाया गया कि सीआरपीएफ के जवान वोटरों को धमका रहे हैं. इस बीच दिन में कांथी में शुभेंदु अधिकारी के भाई की कार पर हमला किया गया. बीजेपी की ओर से टीएमसी पर हमले का आरोप लगाया गया.

पहले चरण के मतदान के शुरू होने के कुछ घंटे के अंदर ही शुभेंदु अधिकारी के एक करीबी और नंदीग्राम से नेता प्रलय पाल ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि सीएम ममता बनर्जी ने फोन कर टीएमसी का सहयोग करने को कहा है. इसके बाद दोनों दलों की ओर से ऑडियो टेप को लेकर आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गया.

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बीजेपी नेता प्रलय पाल को फोन करने से उठे विवाद के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता अब दिवालिया हो गई हैं और वह मेरे कार्यकर्ताओं को फोन क्यों कर रही हैं.

 

Advertisement
Advertisement