
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को लेकर केंद्र की तरफ से बनाई गई जांच कमेटी ने शनिवार को अपनी एक रिपोर्ट सौंपी. बंगाल में भड़की हिंसा की कई अलग-अलग घटनाओं की जांच के बाद चार सदस्यीय समिति ने यह रिपोर्ट सौंपी है.
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की वकील, संयोजक मोनिका अरोड़ा के नेतृत्व में बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के समूह (GIA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी के समक्ष 'बंगाल में खेला 2021' नाम से एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट पेश की है. यह रिपोर्ट बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़ी है.
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल राज्य में हुई महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों सहित राजनीतिक हिंसा और विभिन्न आपराधिक घटनाओं से संबंधित विभिन्न पहलुओं और आयामों से अवगत कराया है.
केंद्रीय मंत्रालय ने मांगी थी रिपोर्ट
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से हिंसा पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी और निर्देश दिया था कि ऐसी घटनाओं को "बिना किसी नुकसान के" रोके जाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. गृह मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में सरकार को एक रिमांडर भी जारी किया था.
ममता बनर्जी का ऐलान
बंगाल में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में 16 लोग मारे गए, जिसमें आधे बीजेपी तो आधे टीएमसी कार्यकर्ता हैं, एक संयुक्त मोर्चा का है, यह हिंसा उस वक्त हुई, जब कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी, चुनाव के बाद की हिंसा में मरने वालों को बिना किसी भेदभाव के 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा.