पंश्चिम बंगाल में पंचायत चुनावों में हिंसा का लंबा दौर चला है, लेकिन अब चुनाव हो जाने के बाद भी इससे जुड़े अपराधों की शृंखला समाप्त नहीं हुई है. सत्ता पर काबिज टीएमसी पर पंचायत बोर्ड बनाने के लिए विपक्षी दलों के चार विजेता उम्मीदवारों को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
घटना गुरुवार रात दक्षिण 24 परगना जिले के पंचसायर पुलिस थाना क्षेत्र में सामने आई है. आरोप लगाया जा रहा है कि अपहृत लोगों में से तीन बीजेपी के हैं और एक व्यक्ति वाममोर्चा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार है. आरोप बापी हलदर नामक व्यक्ति पर लगा है जो सुंदरबन संगठनात्मक जिले के टीएमसी युवा अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस के पंचायत प्रधान के पति हैं.
टीएमसी को समर्थन देने का दबाव
दावा किया जा रहा है कि पिछली बार ज्योति लक्ष्मी की जीत के बाद उन पर टीएमसी को समर्थन देने का दबाव बनाया जा रहा था, ताकि तृणमूल बोर्ड बना सके. अंतत: उन्होंने अपना गांव छोड़ दिया और पंचसायर इलाके में स्थित किराए के मकान में शरण ली. 8 विजयी उम्मीदवारों ने इस किराए के मकान में गुप्त आश्रय ले रखा था. 3 लोग सीपीएम से, दो वाममोर्चा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और 3 भाजपा उम्मीदवार 25 जुलाई की रात से घर पर रह रहे थे. आरोप है कि कल रात करीब 11 बजे टीएमसी नेता बापी हलदर के नेतृत्व में 25 से 30 लोग वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया.
कोलकाता पुलिस ने शुरू की जांच
जिसके बाद कथित तौर पर गुंडों ने एक निजी कार से 4 विजयी उम्मीदवारों का अपहरण कर लिया. दावा किया जा रहा है कि, जब उनमें से बाकी लोग चिल्लाने लगे और स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए तो आरोपी अपनी कारों से मौके से भाग खड़े हुए. इसके बाद सीपीएम के वरिष्ठ नेता और बंगाल के पूर्व मंत्री कांति गांगुली बाकी 4 उम्मीदवारों के साथ पंचसायर पुलिस स्टेशन पहुंचे और अपहरणकर्ताओं के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. कोलकाता पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.