पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार पर केंद्र के बजट पर अपनी ब्रांडिंग करने का आरोप लग रहा है. सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के लिए केंद्र सरकार के धन का उपयोग कर रही है लेकिन वह इसका मोहल्ला क्लीनिक के रूप में प्रचार कर रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में पंजाब को पत्र लिखकर पूछा है कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र योजना के लिए राज्य की फंडिंग क्यों नहीं रोकी जानी चाहिए.
स्वास्थ्य केंद्रों पर बना गईं भगवंत मान की तस्वीरें
ऐसा करना आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर योजना के सह-ब्रांडिंग नियमों का उल्लंघन है. इस तरह की ब्रांडिंग करना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डिजाइन मैनुअल के अनुपालन में नहीं है. राज्य सरकार केंद्रीय कोष से धन का उपयोग कर पीएचसी केंद्रों में पंजाब के सीएम भगवंत मान की तस्वीरें बना रही है.
चार साल में दोगुने से ज्यादा किया पंजाब का फंड
जानकारी के मुताबिक 2019 से पंजाब सरकार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के लिए केंद्र सरकार के आवंटन से धन दिया जा रहा है. 2018 में केंद्र सरकार ने 63.87 करोड़ धनराशि दी थी, जिसे अब बढ़ाकर 2022-2023 में 145.88 करोड़ कर दिया गया है. हालांकि 2021-2022 के लिए केंद्र ने 148.52 करोड़ रुपये का फंड दिया था. मालूम हो कि पंजाब में 3029 सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बने हैं.
हालांकि पंजाब ऐसा करने वाला कोई अकेला राज्य नहीं है. पंजाब के अलावा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और बिहार ने भी सह-ब्रांडिंग नियमों का उल्लंघन किया है.
आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्कीम की ब्रांडिंग का उल्लंघन करने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पंजाब सरकार की फंडिंग में कटौती कर सकता है. केंद्र सरकार के साथ एमओयू साइन करने के बावजूद AAP सरकार ने इसे मोहल्ला क्लीनिक बताया है.