उत्तराखंड के हल्द्वानी में गुरुवार को अवैध मस्जिद और मदरसा तोड़ने को लेकर बवाल हो गया. इस दौरान बुलडोजर कार्रवाई से गुस्साए लोगों ने पुलिस-प्रशासन पर पथराव कर दिया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. इनमें कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं.
जानकारी के मुताबिक, मलिका बगीचा स्थित मदरसे व मस्जिद पर प्रशासन के बुलडोजर एक्शन के बाद अराजक तत्वों ने पत्थरबाजी और आगजनी कर दी. जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिसबल बुलाया गया. उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले भी दागे. पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को काबू करने की कोशिश की, वहीं हल्द्वानी में हालातों को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
गुरुवार को हल्द्वानी में कब और कैसे हिंसा भड़क गई, जानिए पूरी टाइमलाइन
दोपहर 1:30 बजेः हाई कोर्ट के आदेश से शुरू हुआ प्रकरण
हाई कोर्ट के आदेश के बाद दोपहर 1:30-2:00 बजे एसडीएम और नगर निगम अधिकारी के साथ पुलिस टीम अवैध मदरसों को तोड़ने गई थी. अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण खाली कराने के तुरंत बाद कुछ लोगों ने पथराव कर दिया. पुलिस ने भीड़ को शांत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इसके परिणामस्वरूप बड़ी भीड़ द्वारा आक्रामक पथराव किया गया. जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
शाम 5:00 बजेः दोपहर से शाम तक चलता रहा उपद्रव
जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो इसके परिणामस्वरूप और अधिक लोग एकत्र होकर बल पर हमला करने लगे. यह सिलसिला शाम तक चलता रहा और पुलिस बल ने भनभूलपुरा थाने में शरण ली. शाम करीब पांच बजे घायल पुलिस कर्मियों, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों ने बनभूलपुरा थाने में शरण ली. उपद्रवियों ने पथराव कर फायर ब्रिगेड, पुलिस वैन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.
शाम 7:00 बजे: नैनीताल से पहुंची अतिरिक्त पुलिस फोर्स
रामनगर, नैनीताल से अतिरिक्त फोर्स बनभूलपुरा थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने फिर मोर्चा संभाल लिया. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कर्फ्यू और देखते ही गोली मारने के आदेश दिए. सूत्रों का कहना है कि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, पुलिस वैन समेत कई गाड़ियां जलकर खाक हो गईं. इसके बाद से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनावपूर्ण है.
SDM सहित कई पुलिसकर्मी और निगम कर्मी हुए घायल
बता दें कि, भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम गुरुवार दिन में मलिक के बगीचे पहुंची. यहां अवैध मदरसे और नमाज स्थल को जेसीबी से तोड़ने का काम शुरू ही हुआ था कि मुस्लिम महिलाओं और युवकों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते अराजक तत्वों ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम पर भारी पथराव शुरू कर दिया. इस पथराव में एसडीएम सहित कई पुलिसकर्मी और निगम कर्मचारी घायल हो गए.
जेसीबी पर पथराव, वाहनों में लगा दी आग
जेसीबी को निशाना बनाकर किए गए पथराव में इसका शीशा टूट गया. भारी विरोध के बावजूद नगर निगम का अभियान जारी रहा. नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, एसडीएम परितोष वर्मा समेत नगर निगम की टीम ने लोगों को काफी समझाने की कोशिश की. लेकिन अराजक तत्वों ने पथराव करते हुए इलाके को घेर लिया और फिर थाने को भी घेरते हुए वाहनों में आग लगा दी.
CM पुष्कर धामी ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग
सीएम पुष्कर धामी ने मामले को लेकर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. बैठक में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ पुलिस एवं इंटेलिजेंस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की गई. सीएम ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने को घेर लिया था है और पथराव कर रहे हैं. कई वाहनों को थाने में घुसकर आग लगा दी. हालात बेकाबू होते देख सीएम ने कड़े निर्देश जारी किए और पुलिस को दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए. नैनीताल जिलाधिकारी ने जिले में कर्फ्यू लगा दिया.
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान रुकेगा नहीं
नैनीताल जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. हमारे पास वीडियो रिकॉर्डिंग से लेकर दंगाइयों के अनेक इनपुट हैं, उन सबको एकत्र किया जा रहा है. नुकसान की भरपाई उन्हीं दंगाइयों के द्वारा की जाएगी. जानकारी जुटाने के लिए दंगाइयों के पोस्टर भी जारी किए जाएंगे. पुलिस और प्रशासन ने धैर्य का परिचय दिया है. अवैध अतिक्रमण पर हमारा अभियान रुकने वाला नहीं है.
क्या साजिश के तहत हुआ पुलिस पर हमला?
डीजीपी उत्तराखंड अभिनव कुमार कई अधिकारियों के साथ सुबह हल्द्वानी के लिए रवाना होंगे. सूत्रों के मुताबिक ऐसा लगता है किसी साजिश के तहत पुलिस पर हमला किया गया है, पुलिस इसकी भी जांच करेगी.
'हम बड़ी मुश्किल से बचे'
एक महिला पुलिसकर्मी ने आजतक से बातचीत में बताया, "हम लोग बहुत ज्यादा बहुत बच कर आए हैं. पथराव होने पर एक घर में हम लोग घुस गए. 15-20 लोग हम अंदर घुसे हुए थें. उसके बाद बाहर से लोगों ने आग लगाने की कोशिश की और पथराव किया. हम बड़ी मुश्किल से छिपकर जान बचाकर आए हैं. इसके बाद मौके पर फोर्स आई. हर गली, छतों से पथराव हो रहा था. हम लोगों ने एक घर में घुसकर फोर्स को लोकेशन दी. तब फोर्स आई. जिस घर में हम थे और जिस व्यक्ति ने हमारी जान बचाई उसके घर दरवाजे तोड़ दिए गए, शीशे तोड़ दिए गए."