कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने आज भारत बंद बुलाया है. सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक किसान सड़कों पर चक्का जाम करेंगे. इस भारत बंद को देश के प्रमुख राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया है और किसानों की मांगें पूरी करने की बात कही है. भारत बंद की सुबह लगातार नेताओं की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है और ट्विटर के जरिए हर कोई अपनी राय रख रहा है.
समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने शायराना अंदाज में सरकार को घेरा. अखिलेश ने बीते दिन लखनऊ में किए गए प्रदर्शन की तस्वीर साझा की और लिखा, ‘अपनी ज़मीं की ख़ातिर, हम माटी में जा लिपटेंगे, वो क्या हमसे निपटेंगे’. बता दें कि कल यानी सोमवार को ही कृषि कानून के विरोध में अखिलेश यादव लखनऊ की सड़कों पर उतरे थे, जहां उन्हें हिरासत में लिया गया था.
अपनी ज़मीं की ख़ातिर
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 8, 2020
हम माटी में जा लिपटेंगे
वो क्या हमसे निपटेंगे!!!#नहीं_चाहिए_भाजपा pic.twitter.com/sscqnB8hjz
अखिलेश के अलावा कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सुबह-सुबह शायरी का सहारा लिया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि किसानों से अब कहां वो मुलाकात करते हैं, बस ऱोज नये ख्वाबों की बात करते हैं.
भारत बंद के समर्थन में लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया, उन्होंने लिखा कि इन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए. सीताराम येचुरी ने साथ ही यूपी सरकार पर निशाना साधा और राजनीतिक मामलों में बंद लोगों को छोड़ने की अपील की.
Kisan Bharat Bandh LIVE
सरकार के पक्ष में लगातार अपनी बात रख रही बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी भारत बंद के मुद्दे पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि आओ भारत को बंद कर देते हैं, यूं तो तूफानों की कमी नहीं इस नाव को, मगर लाओ कुल्हाड़ी कुछ छेद भी कर देते हैं, रह रह के रोज़ मरती है हर उम्मीद यहां, देशभक्तों से कहो अपने लिए देश का एक टुकड़ा अब तुम भी मांग लो, आ जाओ सड़क पे और तुम भी धरना दो, चलो आज यह क़िस्सा ही ख़त्म करते हैं.
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किसानों को कई राजनीतिक दलों का समर्थन
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. अब जब मंगलवार को किसानों ने भारत बंद का आह्वान किया, तो कई राजनीतिक दलों ने खुलकर उनका समर्थन किया. कांग्रेस, सपा, बसपा, डीएमके, एनसीपी समेत करीब दो दर्जन राजनीतिक दल आज किसानों के भारत बंद में सम्मिलित हैं.