मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह का शुक्रवार को अनोखा अंदाज देखने को मिला. कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के दौरान वह चेंदा ड्रम (दक्षिण भारतीय शैली का एक वाद्य) की थाप पर थिरकते दिखाई दिए. इसे लेकर उन्होंने वीडियो ट्वीट किया. साथ ही लिखा कि '75 साल का जवान डांस क्यों नहीं कर सकता?'
भारत जोड़ो यात्रा को शुरू हुए 30 दिन हो चुके हैं. यात्रा अभी अपने कर्नाटक पड़ाव में हैं. यहां मांडया जिले में यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह को एक जगह चेंदा ड्रम की थाप पर थिरकते हुए देखा गया. इसे लेकर उन्होंने ट्वीट किया-'75 साल का युवा व्यक्ति आनंद क्यों नहीं उठा सकता. कल आपने 75 साल के सिद्धारमैया को राहुल गांधी के साथ दौड़ते देखा. आपकी उम्र उतनी ही होती है, जितना आप महसूस करते हैं. अगर हम युवा महसूस करते हैं तो क्यों नहीं ये आनंद उठा सकते'
Why can’t a 75 year old young man have fun!!
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 7, 2022
Yesterday you saw 75 year Siddaramaiah running with Rahul ji!! For Men, you are as old as you feel and if we feel we are young why not?
https://t.co/lctuCoQkay#BharatJodoYatra @INCIndia@INCKarnataka @RahulGandhi @Jairam_Ramesh
दिग्विजय सिंह ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान शुक्रवार को 20 किलोमीटर की पदयात्रा भी की. वहीं शुक्रवार को राहुल गांधी के साथ यात्रा के दौरान दिवंगत पत्रकार गौरी लंकेश का परिवार भी शामिल हुआ. गौरी लंकेश की मां इंदिरा लंकेश और बहन कविता लंकेश भारत जोड़ो यात्रा से कर्नाटक में बेल्लूर से गुजरने के दौरान जुड़े.
राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लगातार ऐसे प्रश्न उठा रहे हैं. वो बार-बार भारत की विविधता को बचाने, सौहार्द को बचाने की बात कर रहे हैं.
Gauri stood for Truth
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 7, 2022
Gauri stood for Courage
Gauri stood for Freedom
I stand for Gauri Lankesh and countless others like her, who represent the true spirit of India.
Bharat Jodo Yatra is their voice.
It can never be silenced. pic.twitter.com/TIpMIu36nY
भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने एक सभा में कहा कि अक्सर लोग उनसे आकर पूछते हैं कि अक्सर लोग उनसे आकर सवाल करते हैं कि कन्नड़ भाषा पर हमला क्यों हो रहा है? शुक्रवार को शिक्षा के कई एक्सपर्ट से उन्होंने बातचीत की, उनमें से कुछ ने उनसे सवाल किया कि क्यों कन्नड़ भाषा पर हमला क्यों हो रहा है? क्यों हमारे जीने के तरीके, हमारी संस्कृति और हमारे इतिहास पर हमला हो रहा है? हमारी पुस्तकों से बसवन्ना के इतिहास को क्यों मिटाया जा रहा है?