बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश के पहले 'हिंदू गांव' की नींव रख दी है. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला स्थित गढ़ा में बनने वाला यह गांव अगले दो साल में तैयार होगा और इसमें 1000 परिवार बसाए जाएंगे. इस पहल को बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का समर्थन मिला है, जबकि कांग्रेस ने इसे देश की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताकर विरोध जताया है. साथ ही विपक्षी दल के प्रवक्त ने 'मुस्लिम गांव' की मांग कर डाली है.
दरअसल, गुरुवार को बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार और कन्या पूजन के साथ हिंदू ग्राम की आधारशिला रखी. इस मौके पर शास्त्री ने कहा, "हिंदू राष्ट्र का सपना हिंदू घर से शुरू होता है. हिंदू परिवार, समाज और ग्राम बनने से ही हिंदू तहसील, जिला और राज्य का सपना साकार होगा. यह हिंदू राष्ट्र की नींव है, जिसे हमें मिलकर बनाना है."
बागेश्वर धाम जनसेवा समिति सनातन धर्म प्रेमियों को जमीन उपलब्ध कराएगी, जिस पर एकसमान मकान बनाए जाएंगे. पहले दिन दो परिवारों ने बसने की सहमति दी, जबकि 50 अन्य लोग घर बनाने को तैयार हैं. शास्त्री का मानना है कि यह पहल सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली क्रांति की शुरुआत होगी.
हिंदू गांव की परिकल्पना
भोपाल की हुजूर से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा, "हिंदू गांव की कल्पना हिंदुस्तान से की गई है. यह 'सर्वे भवंतु सुखिनः' का प्रतीक है, जहां बहन-बेटियां आजादी से घूमें, गोमाता सम्मान के साथ रहें, और छेड़खानी, कब्जा या बलात्कार जैसी घटनाएं न हों. यह छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह, गुरु तेग बहादुर और महात्मा गांधी के राम राज्य का सपना है."
उन्होंने चेतावनी दी कि बेटियों से छेड़खानी करने वालों को बाबासाहेब अंबेडकर का कानून सजा देगा, उनके हाथ-पैर तोड़े जाएंगे और जेल भेजा जाएगा. गोमाता की हत्या को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
MLA शर्मा ने कहा, "यहां शांति से रहेंगे, चींटियों को चून और चिड़ियों को पानी देंगे. जो दुष्ट आएगा, उसे कुचल देंगे. हिंदू वह है जो गीता, गंगा, गोमाता, भारत माता, वंदे मातरम् और संविधान में आस्था रखता हो. रसखान और रहीम भी हिंदू थे. जो भारत माता को गाली दे, तिरंगा जलाए या बेटियों को गलत नजर से देखे, वह इस गांव में प्रवेश नहीं कर सकेगा."
कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने इस परियोजना पर सवाल उठाते हुए कहा, "अगर धीरेंद्र शास्त्री हिंदू गांव बनाते हैं, तो मैं सीएम मोहन यादव से मांग करता हूं कि मुझे मुस्लिम, सिख और ईसाई गांव बनाने की इजाजत दी जाए. यह सर्वधर्म संभाव का देश है. गांधी और नेहरू की परिकल्पना अनेकता में एकता की थी. ये देश को क्या बनाना चाहते हैं?" कांग्रेस इसे संविधान और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ कदम मान रही है.
रामेश्वर शर्मा ने बोला हमला
कांग्रेस के विरोध जताने पर रामेश्वर शर्मा ने कहा, "कांग्रेस को राम, महावीर, गुरु नानक या शिवाजी की बात करने वाला बीजेपी कार्यकर्ता लगता है. उनकी बुद्धि सठिया गई है. वे संतों को गाली दें, भगवान से प्रमाण मांगेंगे और जिन्ना के तलवे चाटें, एक दिन खुद खत्म हो जाएंगे. भारत की संस्कृति भगवान की बनाई हुई है, इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता." उन्होंने हिंदू गांव को बिछड़े भाइयों को जोड़ने और सबको शिक्षा, भोजन व सुविधा देने का मंत्र बताया.