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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम हार्डकोर क्रिमिनल नहीं, इसलिए फरलो-पैरोल पर एतराज नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने कहा है कि कि गुरमीत राम रहीम हार्डकोर क्रिमिनल नहीं है इसलिए उसे फरलो और पैरोल दिए जाने पर हाईकोर्ट को कोई एतराज नहीं है.

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राम रहीम को फरलो दिए जाने पर हाईकोर्ट को एतराज नहीं. (फाइल फोटो)
राम रहीम को फरलो दिए जाने पर हाईकोर्ट को एतराज नहीं. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 7 फरवरी को फरलो पर छूटा था राम रहीम
  • 21 दिन बाद दोबारा जेल भेज दिया गया था

डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम हार्ड-कोर क्रिमिनल नहीं है, इसलिए उसे फरलो और पैरोल दिए जाने पर हाईकोर्ट को कोई एतराज नहीं है. हरियाणा सरकार की तरफ से राम रहीम को दी गई 21 दिनों की फरलो मामले में दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. अदालत के इस फैसले के साथ ही राम रहीम के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा हो गया है. 

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डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दी गई फरलो के खिलाफ पटियाला के परमजीत सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि पंजाब विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने के लिए डेरा प्रमुख को फरलो दी गई. डेरा प्रमुख एक संगीन अपराधी है, इसलिए उसे दी गई फरलो रद्द की जाए.

इसके जवाब में हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी करार दिया गया है. इन मामलों में उस पर सह-अभियुक्तों के साथ साजिश रचने का आरोप था, इसलिए उसे हार्ड-कोर क्रिमिनल नहीं कहा जा सकता है. जेल में गुरमीत राम रहीम के व्यवहार को देखते हुए और कानूनी राय लेने के बाद ही नियमों के आधार पर उसे फरलो दी गई थी. 

बता दें कि रेप और हत्या के मामले में सजायाफ्ता गुरमीत राम रहीम हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल से 7 फरवरी 2022 को फरलो पर बाहर निकला था. इसके बाद 28 फरवरी उसे दोबारा जेल में कैद कर दिया गया. 

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गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में सीबीआई की विशेष अदालत ने साध्वी से रेप और हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई थी. गुरमीत राम रहीम को पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी अदालत ने उम्र कैद की सजा दी थी.  

 

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