माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम उठाते हुए, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के लिए 50 मिलियन डॉलर का दान किया है. यह योगदान फ्यूचर फॉरवर्ड यूएसए एक्शन नामक गैर-लाभकारी संगठन को किया गया, जो अपने दानकर्ताओं के नामों को सार्वजनिक नहीं करता. इस प्रकार, गेट्स का समर्थन अभी तक जनता की नजरों से छिपा रहा है.
हालांकि गेट्स ने सार्वजनिक रूप से कमला हैरिस का समर्थन नहीं किया है, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह डोनाल्ड ट्रंप की वापसी से जुड़े संभावित खतरों को लेकर गहरी चिंता में हैं. खासकर जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, और परिवार नियोजन जैसे मुद्दों पर. बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने इन क्षेत्रों में वर्षों से काम किया है, और गेट्स की राजनीतिक भागीदारी इन निवेशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है.
गेट्स का यह कदम अमेरिकी राजनीति में एक नई दिशा की ओर इशारा करता है, जहां बड़े तकनीकी उद्योग के नेता अब खुले तौर पर चुनावों में हस्तक्षेप कर रहे हैं. एक समय पर तटस्थ रहने वाले गेट्स अब मानते हैं कि 2024 का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है और देश के भविष्य को आकार देने में उनकी भूमिका पहले से कहीं अधिक है. उन्होंने निजी तौर पर यह चिंता जताई कि ट्रंप की वापसी से जलवायु नीतियों में बदलाव और वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में फंडिंग कटौती हो सकती है, जिससे उनके दशकों के काम पर असर पड़ेगा.
दूसरी तरफ, एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप के फिर से चुने जाने के लिए अमेरिका पीएसी को 75 मिलियन डॉलर का बड़ा दान दिया है. मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) का भी भरपूर इस्तेमाल किया है, जिससे ट्रंप का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके. मस्क की ट्रंप के प्रति खुली निष्ठा, बाइडन-हैरिस प्रशासन की स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी नियमों की नीतियों के विरोध से जुड़ी है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गेट्स और मस्क जैसे तकनीकी दिग्गजों का अभूतपूर्व राजनीतिक योगदान चुनाव के परिणाम को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है, खासकर महत्वपूर्ण राज्यों जैसे एरिज़ोना, जॉर्जिया और पेनसिल्वेनिया में, जहां मतों का अंतर बेहद कम हो सकता है.
बिल गेट्स ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा, "मैंने हमेशा स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर दोनों दलों के नेताओं के साथ काम किया है, लेकिन यह चुनाव असाधारण महत्व का है. इस बार चुनाव का असर न केवल अमेरिका पर, बल्कि दुनिया के सबसे कमजोर लोगों पर भी पड़ेगा."
गेट्स के इस कदम से यह स्पष्ट है कि वे हैरिस के चुनाव को देश और दुनिया के लिए जरूरी मानते हैं. वहीं मस्क की ट्रंप के प्रति प्रतिबद्धता से यह चुनाव एक ऐसी लड़ाई में बदल गया है जहां दो बड़े तकनीकी दिग्गज अपने-अपने तरीके से भविष्य को आकार देने का प्रयास कर रहे हैं. 2024 का चुनाव अमेरिकी राजनीति में तकनीकी अरबपतियों के प्रभाव की ऐतिहासिक टक्कर बन सकता है.