18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू हो रहा है और 26 जून को स्पीकर व डिप्टी स्पीकर का चुनाव होना है. बीजेपी ने स्पीकर पद के उम्मीदवार के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए अपने एनडीए घटक दलों से संपर्क किया है और उनसे पूछा है कि कोई नाम या सुझाव हो तो बताएं. एनडीए के घटक दलों ने अभी तक कोई नाम नहीं सुझाया है और फैसला बीजेपी पर छोड़ा है. उन्होंने कहा कि वे पीएम मोदी के फैसले के साथ हैं. राजनाथ सिंह को भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल दलों के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच स्पीकर पद के चुनाव के लिए आम सहमति बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर मंगलवार शाम बीजेपी के सहयोगी दलों की बैठक हुई, जिसमें लोजपा प्रमुख चिराग पासवान, जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, डॉक्टर वीरेंद्र कुमार, टीडीपी सांसद और केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू के अलावा भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, एस जयशंकर, मनोहर लाल खट्टर, पीयूष गोयल, भूपेंद्र यादव और अन्नपूर्णा देवी समेत अन्य ने भाग लिया. एनडीए में शामिल दलों ने 24 जून से शुरू हो रहे संसद सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर चर्चा की. वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया गुट का कहना है कि यदि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर का पद उन्हें नहीं दिया जाता है, तो वे स्पीकर पोस्ट के लिए अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगे.
राजस्थान के कोटा से भाजपा सांसद ओम बिरला वर्तमान में लोकसभा के अध्यक्ष हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए प्रस्ताव के बाद, उन्हें जून 2019 में 17वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था. नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा है कि वह स्पीकर पोस्ट के लिए भाजपा की पसंद का समर्थन करेगी. बता दें कि जद (यू) और चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा हैं. एनडीए को बहुमत के आंकड़े तक पहुंचाने में उन दोनों दलों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है.
इस बार के आम चुनावों में 240 सीटों के साथ बीजेपी बहुमत के आंकड़े से 32 सीटें पीछे रह गई. एनडीए में शामिल टीडीपी और जदयू ने क्रमशः 16 और 12 लोकसभा सीटें जीतीं. इस तरह एन. चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार के गठन में 'किंगमेकर' बनकर उभरे हैं. टीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पट्टाभि राम कोमारेड्डी ने कहा है कि लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार का चयन एनडीए सहयोगियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी भाजपा द्वारा नामित उम्मीदवार का समर्थन करेगी.