भाजपा ने मंगलवार को महाकुंभ को 'मृत्यु कुंभ' कहने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी आलोचना की. भाजपा ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री का नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ के परिप्रेक्ष्य में की गई यह टिप्पणी इस दुखद घटना पर संवेदनशीलता की जगह राजनीतिक लाभ हासिल करने की उकनी भावना को दर्शाता है. ममता बनर्जी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोलते हुए, कहा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश में आयोजित महाकुंभ, भगदड़ की घटनाओं के कारण 'मृत्यु कुंभ' में बदल गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने महाकुंभ में मची भगदड़ में मरने वालों की वास्तविक संख्या को दबा दिया.
ममता बनर्जी पर पलटवार करते हुए, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उनकी टिप्पणियां विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की भावना को दर्शाती हैं. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इंडिया ब्लॉक में शामिल एक दल (डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन) सनातन धर्म के उन्मूलन की बात करता है, हिंदू धर्म के पवित्र पुस्तकों को जलाने का समर्थन करता और सनातन धर्म की तुलना एचआईवी, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से करता है. लेकिन इंडिया ब्लॉक में शामिल अन्य दल इसके खिलाफ एक शब्द नहीं बोलते.
हादसों पर विपक्षी नेता संतुष्टि महसूस कर रहे
सुंधाशु त्रिवेदी ने कहा कि ममता बनर्जी ने जो कहा है वह बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय है. उन्होंने कहा, 'ये लोग महाकुंभ और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर तथाकथित सहानुभूति दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन असल मायने में वे अपने मन में अधिक संतुष्टि महसूस कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.' भाजपा सांसद ने कहा- ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस नेता फिरहाद हकीम को एक हिंदू धार्मिक संस्था का प्रमुख बनाया था. यह वही हकीम हैं, जिन्होंने खुले तौर पर बंगाल के कुछ हिस्से को मिनी पाकिस्तान बताया था. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- ये वे लोग हैं जिन्हें ममता बनर्जी पसंद करती हैं और आगे बढ़ाती हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भगदड़ की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 30 लोगों की जान चली गई थी. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कुंभ सनातन धर्म के सबसे महान परंपराओं में से एक है, जो भारत के शाश्वत ज्ञान के सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक मूल्यों को उजागर करता है. भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि ममता बनर्जी बार-बार हिंदुओं की आस्था पर प्रहार करती हैं.
ममता की टिप्पणी का बीजेपी ने किया विरोध
बंगला विधानसभा में ममता बनर्जी के भाषण के बाद भाजपा विधायकों ने भगवा पगड़ी पहनकर उनके खिलाफ नारे लगाए और उन्हें 'हिंदू विरोधी मुख्यमंत्री' बताया. बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह महाकुंभ नहीं बल्कि मृत्यु कुंभ है. मैं उनकी इस टिप्पणी पर हिंदू समुदाय और संत समुदाय से कड़ा विरोध दर्ज कराने की अपील करता हूं. वे हिंदुओं पर, महाकुंभ पर इस हमले के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं... अगर आप सच्चे हिंदू हैं, तो राजनीति से ऊपर उठें और ममता बनर्जी के इन शब्दों का पुरजोर विरोध करें.'
#WATCH | Kolkata: On West Bengal CM Mamata Banerjee's 'Mrityu Kumbh' remark for #MahaKumbh2025, State's LoP Suvendu Adhikari says, "...I appeal to the Hindu community, saint community to register a strong protest. A little while ago, on the Floor of the House (State Assembly),… pic.twitter.com/ffowcsCQZJ
— ANI (@ANI) February 18, 2025
प्रेम शुक्ला ने कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेता, चाहे वह मल्लिकार्जुन खड़गे हों, अखिलेश यादव हों या ममता बनर्जी, उन श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान कर रहे हैं, जो महाकुंभ में बड़ी संख्या में आए हैं. अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं इसे महाकुंभ नहीं कहूंगी. यह अब मृत्यु कुंभ बन गया है. यह एक मौत के कुंड की तरह है. मैं महाकुंभ का सम्मान करती हूं, मैं गंगा मां का सम्मान करती हूं. लेकिन इस आयोजन के लिए यूपी सरकार की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई. 30 लोग मर गए, कितने शव नदी में विसर्जित किए गए? हजारों लोग मारे गए हैं. आठ बार आग भी लग चुकी है.'