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झारखंड पुलिस पर भड़के बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी, सीएम आवास तक मार्च पर लगाई थी रोक

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा कि आपकी (रांची पुलिस) जिम्मेदारी तब कहां थी जब सीएम का सुरक्षा घेरा तोड़कर लोग सीएम हाउस के पहाड़ तक आ पहुंचे थे और सड़क जाम कर दी गई थी? उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि अगर तारीख याद ना हो तो 20 जनवरी का धारा 144 का आदेश और उसके उल्लंघन की तस्वीरें देख लीजिए.

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पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी.
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी.

झारखंड बीजेपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने रांची पुलिस के ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि रांची पुलिस की प्रतिक्रिया पढ़ने के बाद वह हतप्रभ हो गए. रांची पुलिस ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद एक उच्च स्तरीय संवैधानिक पद है, जिसकी सुरक्षा के सभी पहलू संवेदनशील होते हैं और इसके संधारण हेतु सभी को दृढ़ रहना पड़ता है.

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मरांडी ने कहा कि एसएसपी महोदय, मोराबादी मैदान से सीएम आवास की दूरी मात्र दो किलोमीटर है. जगह-जगह बैरिकेडिंग पार करते हुए बीजेपी कार्यकर्ता सीएम हाउस की ओर नहीं बढ़ रहे थे. वे सिर्फ मोराबादी मैदान के बगल में लगी कंटीली बैरिकेडिंग के पास सांकेतिक प्रदर्शन कर रहे थे. इसके बावजूद पुलिस ने आम जनता पर जहरीली गैस छोड़ी.

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बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने रांची पुलिस से किया सवाल

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने पूछा कि आपकी (रांची पुलिस) जिम्मेदारी तब कहां थी जब सीएम का सुरक्षा घेरा तोड़कर लोग सीएम हाउस के पहाड़ तक आ पहुंचे थे और सड़क जाम कर दी गई थी?" उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि अगर तारीख याद ना हो तो 20 जनवरी का धारा 144 का आदेश और उसके उल्लंघन की तस्वीरें देख लीजिए. यह बस एक तारीख बताई है."

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"बीजेपी कार्यकर्ता सुरक्षा खतरे में डालने वाले लग रहे?"

बाबूलाल मरांडी ने कहा, बीजेपी के कार्यकर्ता दो किलोमीटर की दूरी पर रहते हुए भी आपको सीएम की सुरक्षा खतरे में डालने वाले लग रहे हैं, जबकि सीएम हाउस के गेट पर पहुंच कर सड़क जाम करने वाले लोग कौन थे? यह रिश्ता क्या कहलाता है? स्पष्ट है कि पुलिस का व्यवहार सत्ताधारी दलों के कार्यकर्ताओं के प्रति कुछ और, और दूसरे लोगों के प्रति कुछ और है."

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झारखंड बीजेपी अध्यक्ष ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, "दूसरी बात, आपने (रांची पुलिस) पूरी जिम्मेदारी से पुलिसिया कार्रवाई को उचित बताया है. फिर क्यों नहीं एक-दो दिनों में नामजद 52 लोगों समेत उन 12,000 लोगों पर चार्जशीट दायर कर देते हैं, जिन्हें आपने एफआईआर में अभियुक्त बनाया है?"

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