ओडिशा के कालाहांडी में 24 वर्षीय स्कूल शिक्षिका की हत्या के मामले में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. उन्होंने इस मामले में राज्य सरकार के एक मंत्री के नाम का भी जिक्र किया है. साथ ही कहा कि मंत्री के बचाव में वहां के पुलिस कर्मियों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने से मना कर दिया था.
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कहा, ''ओडिशा सरकार के एक मंत्री दिब्य शंकर मिश्रा का नाम भी इस प्रकरण में शामिल हो रहा है. समय-समय पर स्कूल में जाकर महिलाओं का शोषण करना, ये मंत्री के आचरण में था, ऐसी बातें मीडिया में आ रही हैं.''
संबित पात्रा ने कहा कि वहां के पुलिस कर्मियों ने इस मामले पर एफआईआर दर्ज कराने से मना कर दिया था. कहीं न कहीं पुलिस जानती थी कि इसमें मंत्री जी की साख का सवाल है, इसलिए पुलिस एफआईआर दर्ज करने से कतरा रही थी. जब विपक्षी पार्टियों का दबाव पड़ा, तब पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी.
Media briefing by Dr. @sambitswaraj at party headquarters in New Delhi. https://t.co/dFfxeQGPV5
— BJP (@BJP4India) October 26, 2021
उन्होंने कहा कि 24 वर्षीय ममिता महेर एक अध्यापिका थीं. 8 अक्टूबर से ममिता लापता थीं, जब पूरे मामले को सामने लाया गया तो मालूम पड़ा कि उसकी हत्या हो चुकी है, उनके शरीर के कटे हुए अंग मिले. ममिता महेर जिस स्कूल में कार्यरत थीं, वहां के महिला हॉस्टल में एक सेक्स रैकेट चल रहा था. उसमें मासूम छात्राओं का और अध्यापिकाओं का शोषण हो रहा था.
तीन सदस्यीय कमेटी सौंपेगी रिपोर्ट
संबित पात्रा ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस पूरे विषय का संज्ञान लिया है और एक तीन सदस्यीय कमेटी ओडिशा भेज रहे हैं. कमेटी की मेंबर सुनीता दुग्गल, महिला मोर्चा अध्यक्ष वनिथी श्रीनिवासन और रूपा मित्रा ओडिशा जाएंगी और जल्द इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर रिपोर्ट सौंपेंगी.