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सिक्किम राज्यसभा सीट का चुनाव निर्विरोध जीतेगी BJP, दूसरे दलों ने आखिरी दिन भी नहीं उतारा उम्मीदवार

सिक्किम की एकमात्र राज्यसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार के अलावा किसी भी पार्टी के उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया है. अब उम्मीद लगाई जा रही है कि बीजेपी इस सीट को निर्विरोध जीत सकती है.

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सिक्किम राज्यसभा सीट का चुनाव निर्विरोध जीतेगी BJP. (फाइल फोटो)
सिक्किम राज्यसभा सीट का चुनाव निर्विरोध जीतेगी BJP. (फाइल फोटो)

सिक्किम की एकमात्र राज्यसभा सीट में बीजेपी निर्विरोध जीतने की तैयारी कर रही है. बीजेपी ने सात जनवरी के इस सीट पर विधायक दोरजी त्शेरिंग लेप्चा के रूप में अपने उम्मीदवार का ऐलान किया था. अब अधिकारियों का कहना है कि भाजपा उम्मीदवार के अलावा अभी इसी सीट पर किसी भी दल के उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया है.

बुधवार को होगी नामांकन पत्र की जांच

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सिक्किम की एकमात्र राज्यसभा सीट को बीजेपी निर्विरोध जीत सकती है. विधानसभा सचिवालय ने आगे कहा कि राज्यसभा सीट पर नामांकन दाखिल करने का निर्धारित समय मंगलवार दोपहर तीन बजे खत्म हो गई है. रिटर्निंग अधिकारी के ऑफिस को केवल दोरजी त्शेरिंग लेप्चा का नामांकन मिला है. अब बुधवार को उनके नामांकन पत्र की जांच की जाएगी.

बता दें कि पाकयोंग जिले के ग्नथांग माचोंग से विधायक लेप्चा ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डीआर थापा लेप्चा के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था. 

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19 जनवरी को होगा मतदान

राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट वर्तमान में विपक्षी एसडीएफ के हिशे लाचुंगपा के पास है. उनका कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है. 19 जनवरी को इस सीट पर मतदान होना है. 32 सदस्यीय क्षेत्र वाली सिक्किम विधानसभा में एसकेएम के 19, बीजेपी के 12 और एसडीएफ के एक सदस्य हैं.

बताया जा रहा है कि लेप्चा के राज्यसभा नामांकन को भाजपा को हिमालयी राज्य में एक प्रमुख खिलाड़ी बनने में मदद करने के लिए उनका पुरस्कार है. लेप्चा पिछली एसडीएफ सरकार में मंत्री थे और उनके पास भवन एवं आवास और परिवहन जैसे विभाग थे.

ऐसे सत्ता पर पहुंची बीजेपी

बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कोई सीट नहीं जीती थी, जिसमें एसकेएम सत्ता में आई थी. लेप्चा एसडीएफ के नौ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए, जिससे वह रातों-रात विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई. इसके बाद भाजपा ने दो सीटों पर हुए उपचुनाव में भी जीत हासिल की, जिससे उसकी सीटों की संख्या 12 हो गई.

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