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ब्लैक फंगस का कहर जारी, राजस्थान में बढ़े केस, दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भी इंजेक्शन की कमी

राजस्थान में हालात ऐसे हैं कि ब्लैक फंगस के मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल रहे, मरीज के परिजन इंजेक्शन के लिए लाचार हैं. ऐसा ही हाल दिल्ली में भी है. राजधानी आर्मी अस्पताल में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी हो गई है.

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देश में ब्लैक फंगस का संकट चिंताजनक (फोटो-PTI)
देश में ब्लैक फंगस का संकट चिंताजनक (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजस्थान में 2400 से अधिक एक्टिव केस
  • दिल्ली के सेना अस्पतालों में इंजेक्शन की कमी

कोरोना का खतरा बेशक कम हो रहा हो, लेकिन ब्लैक फंगस का संकट चिंताजनक है. राजस्थान में हालात ऐसे हैं कि ब्लैक फंगस के मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल रहे, मरीज के परिजन इंजेक्शन के लिए लाचार हैं. ऐसा ही हाल दिल्ली में भी है. राजधानी आर्मी अस्पताल में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की शार्टेज हो गई है.

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बताया जा रहा है कि दिल्ली में सेना के जवानों या रिटायर फौजियों में ब्लैक फंगस के 30 से अधिक मामले आ चुके हैं. दिल्ली के दो प्रमुख सेना अस्पताल - आर्मी आर एंड आर और आर्मी बेस अस्पताल में इन मरीजों का इलाज चल रहा है, लेकिन सबके सामने एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की कमी की चुनौती आ रही है.

रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में सेना के एक डॉक्टर ने कहा कि ब्लैक फंगस से लड़ाई लड़ने के लिए हमें अभी पर्याप्त इंजेक्शन का इंतजार है. वहीं, रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार को कमी से अवगत करा दिया गया है और प्राथमिकता के आधार पर एम्फोटेरिसिन-बी की आवश्यकता को पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

आर्मी बेस अस्पताल के एक सेना अधिकारी ने कहा, 'मुझे अस्सी के दशक में [सियाचिन] ग्लेशियर पर अपना समय याद आ रहा है, जब हम हेलीकॉप्टर से गिराए गए ईंधन के हर जेरीकेन के लिए सांस रोककर इंतजार करते थे, यह कुछ वैसा ही है जैसा हम अभी यहां देख रहे हैं.'

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राजस्थान में बढ़ रहे हैं केस, नहीं मिल पा रहा इंजेक्शन

राजस्थान में ब्लैक फंगस के मरीज 2500 से ज्यादा हो गए हैं. ब्लैक फंगस से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. एक मरीज को सात से दस इंजेक्शन रोज चाहिए मगर अबतक सिर्फ 12555 इंजेक्शन ही मिले हैं. हालात बिगड़ रहे हैं, मगर राजस्थान की सरकार के पास इंजेक्शन के लिए बिलखते लोगों के लिए किसी तरह का कोई पुख्ता उपाय नहीं है.

आजतक ने जब राजस्थान में ग्राउंड लेवल पर हालात की जानकारी लेनी चाहिए तो हमें ऐसी तस्वीर दिखी, जो किसी को भी रुला सकती है. जयपुर के राम सिंह फूट फूटकर रो रहे हैं. उनकी बीवी बीमार है. ब्लैक फंगस का इंजेक्शन चाहिए. मगर जयपुर के इस अस्पताल में इंजेक्शन नहीं है..रोज 7-8 इंजेक्शन चाहिए मगर तीन दिन में सिर्फ एक इंजेक्शन मिला.

राम सिंह जैसे एक नहीं अनेक मरीज हैं, जिनके परिजनों को ब्लैक फंगस हुआ है. ब्लैक फंगस का ऑपरेशन तो हो रहा है मगर ठीक होने के लिए जरूरी इंजेक्शन का अभाव है. अस्पताल के पास इंजेक्शन नहीं है. परिजन परेशान हैं. 

चिंता की बात ये है कि अबतक ब्लैक फंगस उन मरीजों में मिल रहा था. जिन्हें कोविड हुआ था, मगर इसी अस्पताल में ऐसे भी केस सामने आ रहे हैं, जिन्हें न तो कोविड था, न कोविड के लक्षण, फिर भी ब्लैक फंगस हो गया. आजतक को ऐसे ही अजमेर के रसूल खान मिले. ये कोविड पॉजिटिव नहीं थे फिर भी ब्लैक फंगस के शिकार हो गए.

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