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मणिपुर: लापता व्यक्ति की खोज को बनाए पैनल के सदस्य के घर पर मिला बम और धमकी भरा नोट

मणिपुर में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के सुपरवाइजर कमलबाबू 25 नवंबर से कांगपोकपी जिले के बेहद सुरक्षित लेइमाखोंग आर्मी कैंप से लापता हैं. उनके पता लगाने के लिए बनाई गई ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्य के घर पर गुरुवार को एक बम और धमकी भरा नोट मिला है.

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बम और धमकी भरा नोट.
बम और धमकी भरा नोट.

मणिपुर में पिछले साल नवंबर में सेना के एक शिविर से लापता 56 वर्षीय व्यक्ति कमलबाबू के संबंध में बनाई गई ज्वाइंट एक्शन कमेटी के एक सदस्य के घर पर गुरुवार को एक हथगोला मिला. हथगोले के साथ एक चेतावनी भरा नोट में मिला है. यह ग्रेनेड इम्फाल पश्चिम जिले में सुबह 7 बजे मिला था.

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पुलिस ने पुष्टि की है कि इम्फाल पश्चिम में लोइतांग खुनौ मैनिंग के लैशराम बिनोद के घर के गेट पर बिना फटा हुआ हथगोला मिला. ग्रेनेड के साथ एक धमकी भरा नोट भी मिला है.

'कोई भी ठेकेदार न हो JAC का मेंबर'

नोट में लिखा था, "जेएसी कमलबाबू को आखिरी चेतावनी. आपको जेएसी को भंग कर देना चाहिए और एक नई जेएसी बनानी चाहिए. कोई भी ठेकेदार नई जेएसी का सदस्य नहीं होना चाहिए. सभी मुद्दे भड़काने वाले मारे जाएंगे, केसीपी."

पुलिस ने बताया कि ग्रेनेड प्रतिबंधित संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के संदिग्ध सदस्यों द्वारा लगाया गया था. आगे की जांच के लिए मामला दर्ज कर लिया गया है.

आर्मी कैंप से लापता हुए थे कमलबाबू

मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज के सुपरवाइजर कमलबाबू 25 नवंबर से कांगपोकपी जिले के बेहद सुरक्षित लेइमाखोंग आर्मी कैंप से लापता हैं. उनके लापता होने से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और प्रतिबंधित क्षेत्र में सुरक्षा चूक को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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अधिकारी कमलबाबू का पता लगाने के लिए हवाई सर्वेक्षण समेत सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. इस बीच मणिपुर मंत्रिमंडल ने कमलबाबू के लापता होने के मामले को सीबीआई को सौंपने को मंजूरी दे दी.

सेना के अनुसार, कमलबाबू असम के कछार जिले के मूल निवासी हैं और इम्फाल पश्चिम के खुखरुल में रहते थे. पुलिस ने पहले कहा था कि मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कमलबाबू की तलाश के लिए 2,000 से   ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था.

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