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साइबर क्राइम मामलों में देरी पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, लंबित मामलों पर मांगी रिपोर्ट

अतिरिक्त लोक अभियोजक वी.बी. कोंडे-देशमुख ने सुनवाई के दौरान FSL निदेशक का 13 दिसंबर, 2024 को लिखी एक चिट्ठी सामने रखी, जिसमें लंबित मामलों को दूर करने के लिए चल रही पहलों का जिक्र किया गया है. जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और अद्वैत सेठना की बेंच ने बताया कि “सेमी-ऑटोमैटिक” प्रोजेक्ट और “डिजिटल फॉरेंसिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं.

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बॉम्बे हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
बॉम्बे हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई और ठाणे के फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) में पिछले पांच वर्षों के लंबित मामलों पर आंकड़े पेश करने का निर्देश दिया है. यह आदेश अतिरिक्त लोक अभियोजक (PP) को दिया गया है. यह निर्देश Eduedge Pro Pvt. Ltd. द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान आया, जिसमें फॉरेंसिक जांच, विशेष रूप से साइबर अपराध मामलों में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई गई थी. यह याचिका एडवोकेट्स जाह्नवी कर्णिक और हिमांशु कोडे के जरिए दायर की गई थी, जिसमें एक जांच के ट्रांसफर की मांग की गई थी, जिसमें FSL द्वारा गंभीर देरी का आरोप लगाया गया था.

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हाईकोर्ट ने पहले भी महाराष्ट्र सरकार को फॉरेंसिक विभाग के आधुनिकीकरण में ढिलाई को लेकर फटकार लगाई थी. (खबर यहां देखें

अतिरिक्त लोक अभियोजक वी.बी. कोंडे-देशमुख ने सुनवाई के दौरान FSL निदेशक का 13 दिसंबर, 2024 को लिखी एक चिट्ठी सामने रखी, जिसमें लंबित मामलों को दूर करने के लिए चल रही पहलों का जिक्र किया गया है. जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और अद्वैत सेठना की बेंच ने बताया कि “सेमी-ऑटोमैटिक” प्रोजेक्ट और “डिजिटल फॉरेंसिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं.

सेमी-ऑटोमैटिक प्रोजेक्ट को गृह विभाग द्वारा मंजूरी दी गई थी और इसके लिए 1 अक्टूबर, 2024 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया. इस परियोजना का उद्देश्य साइबर फॉरेंसिक जांच को तेज करना है. वहीं, डिजिटल फॉरेंसिक सेंटर को 4 अक्टूबर, 2024 को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है और इसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पहले से उपलब्ध हैं. इसके बुनियादी ढांचे का काम तेजी से चल रहा है और इसके चार हफ्ते में पूरा होने की संभावना है.

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इसके अलावा, 21 नवंबर, 2022 को जारी सरकारी प्रस्ताव के तहत टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) को श्रेणी-3 के 125 पदों को भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. सितंबर 2024 में परीक्षा आयोजित की गई और अब भर्ती प्रक्रिया चल रही है. अदालत को आश्वासन दिया गया है कि न्यायिक आदेश के तहत फॉरेंसिक रिपोर्ट की मांग करने वाले मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी और इन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाएगा. साथ ही, दोनों परियोजनाओं के लिए गृह विभाग ने फंड भी जारी कर दिया है.

हाईकोर्ट ने अतिरिक्त लोक अभियोजक को 29 जनवरी, 2025 तक मुंबई और ठाणे FSL में लंबित मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. 

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